सेवा में।
श्रीमान अध्यक्ष प्रेस क्लब हरिद्वार ।
महोदय
आप तुरन्त प्रेस क्लब की आम सभा की बैठक बुलाएं, अन्यथा मैं प्रेस क्लब हरिद्वार की प्राथमिक सदस्यता से त्यागपत्र दे दूंगा । वर्तमान में प्रेस क्लब की जो स्थितियां चल रही हैं वह मुझे रास नहीं आ रही है।
इसलिए मैने निर्णय लिया है,की प्रेस क्लब की आम सभा की बैठक मे प्रेस क्लब के उत्तम कार्यों को रखूंगा, अन्यथा प्रेस क्लब की सदस्यता से त्यागपत्र दे दूंगा। मैने निर्णय किया है की वर्तमान मे प्रेस क्लब की गतिविधियों के चलते मुझे प्रेस क्लब से अपने आप को अलग कर लेना चाहिए।
फिर मैं खुलकर तो लिख सकूंगा, रोज रोज की चक चक तो नही होगी की ,इसके खिलाफ मत लिखो उसके खिलाफ मत लिखो वहां से हम प्रसाद लाते हैं, खूब लाओ और खूब खाओ। अन्यथा प्रेस क्लब की आम सभा की बैठक बुलाओ।
गोपाल रावत जी द्वारा मुझको भेजे गये नोटिस का भी मैं उनको उत्तर दे चुका हूँ, उसमें भी मैने आम सभा बुलाने का अनुरोध किया हैं, प्रेस क्लब के सभी सदस्यों को भी तो पता चलना चाहिए, की वर्तमान मे प्रेस क्लब हरिद्वार में कौन कौन से उत्तम कार्य चल रहे हैं।
लेकिन मेरी समझ से परे है, की प्रेस क्लब के उत्तम कार्यों को प्रेस क्लब के सभी सदस्यों से क्यों छुपाया जा रहा है, यदि एक सप्ताह के अन्दर आम सभा की बैठक नही बुलाई जाती है तो मेरा त्याग पत्र मान लिया जाए, आपके उज्जवल भविष्य की कामना करता हूँ,
नरेश गुप्ता
मो 9837017212, दिनांक 21 जून 2026

जवाब नोटिस
15, जून 2026
आदरणीय गोपाल रावत जी नमस्कार, आपका एक पत्र जिसको नोटिस कहा गया है। वह मुझे 13 जून को साय 6 बजकर 40 मिनट पर व्हाट्सएप के द्वारा प्राप्त हो गया है। यह व्हाट्सएप साय 6:40 पर मेरे व्हाट्सएप पर आया है।
आपने मेरे ऊपर प्रेस क्लब हरिद्वार की छवि को धूमिल करने के प्रयासों का आरोप लगाया हुआ है। और जिसमें कहा गया है, की इसके लिए मैं तीन दिन में आपको जवाब दूं अन्यथा मेरे खिलाफ दंडात्मक कार्रवाई की जाएगी।
गोपाल रावत जी मैं सभी बातों का जवाब दूंगा, लेकिन इन बातों का जवाब मैं दूंगा आम सभा के अंदर ,और वहीं आमसभा में मुझे पर आप दंडात्मक कार्यवाही क्या आप मुझे फांसी पर चढ़ा देना। क्योंकि फांसी से ज्यादा तो आपके पास कोई हथियार होगा नही, और रही बात प्रेस क्लब की जो आप प्रेस क्लब की बातें करते हैं, की मेरे ऊपर पहले भी एक बार ऐसे आरोप लग चुके है।
तो उस ऑडियो को जिस धूर्तता के साथ बनाया गया था, उस ऑडियो को भी आपके साथ साथ प्रेस कल्ब के काफी सदस्यों ने उस समय भी सुना था। उसको सुनने के बाद प्रेस क्लब के कई सदस्य उस व्यक्ति के पास ऑडियो की वार्ता की पुष्टि के लिए भी गये थे। जब उसने ऐसी किसी वार्ता से इनकार कर दिया ,तब क्लब की अनुशासन समिति के सामने एक ऐसे व्यक्ति को बुलाकर कहलवा लिया गया की बात उसने की थी।
जिसका इस प्रकरण से दूर तक का वास्ता नही था, इस लिए उक्त ऑडियो को , अब फिर सुन लेना उसमें मेरे द्वारा क्या क्या वार्ता की गई है। उस ऑडियो में और भी किसी व्यक्ति का नाम लिया गया था। उस व्यक्ति के बारे में तो आप लोगों ने सब कुछ जानते हुए भी न उस समय कुछ किया था । न अब कर रहे हैं। क्योंकि टारगेट तो आपका मैं हूं, क्योंकि मैं क्लब के बहुत सारे कार्यों में बाधा पैदा करता हूं।
इसलिए आप मुझे पसंद नहीं करते हैं, तो भाई आप आमसभा बुलाए और आमसभा में मैं अपनी सारी बातें रखूंगा। उसके बाद दंडात्मक कार्रवाई जो भी आपको करनी हो मुझे फांसी देनी हो या मुझे आजीवन कारावास देना हो या मुझे देश निकाला देना हो, वह सारे काम कर देना। कोई भी कमी रह न जाये, अपनी पूरी हसरत निकाल लेना, लेकिन मैं आपको व्यक्तिगत रूप से कोई जवाब नहीं दूंगा।
मैं जो भी जवाब दूंगा आपके इस पत्र का पूरा जवाब दूंगा। लेकिन दूंगा आम सभा के अंदर आप आमसभा बुला लीजिएगा, और मुझको एक दिन पूर्व सूचित कर दीजिएगा मैं समय पर प्रेस क्लब पहुंच जाऊंगा, और वही सबके सामने बात होगी, की कौन कितना ईमानदार है ।
वहीं तय होगा की मैं सही हूं या मैं गलत हूं ,और अगर मैं कहीं गलत हुआ तो मुझे अपनी गलती मानने में कहीं कोई संकोच नहीं होता है। मुझे इधर-उधर की बातें करनी नहीं आती है, वही पर आप मुझको फांसी पर लटका देना, प्रेस क्लब में मेरी शक्ल कुछ लोगो अच्छी नहीं लगती है। क्योंकि मैं बहुत सारी चीजों को क्लब की पचा नहीं पाता हूं।
और प्रेस क्लब मुझे नहीं पचा पाता हैं, तो बात यह है कि मेरा कोई प्रेस क्लब से रोजगार नहीं चल रहा है ।जिन लोगों का रोजगार प्रेस क्लब से चलता है। यह प्रेस क्लब उन्हें ही मुबारक हो, मुझे प्रेस क्लब की भी कोई आवश्यकता नहीं है ।मुझे पत्रकारिता करनी होगी। तो प्रेस क्लब मुझे पत्रकारिता नहीं कराता है।
प्रेस क्लब जब नहीं था ,तब भी मैं पत्रकार था और प्रेस क्लब अब है, या और आगे बढ़ेगा तब भी मैं पत्रकार रहूंगा।आपसे अनुरोध है, की आप जल्दी से जल्दी आम सभा बुलाए और मुझे दंडात्मक कार्रवाई करते हुए फांसी पर लटकाए।आम सभा आप एक सप्ताह के अन्दर बुला ले , उसके बाद आप भी स्वतंत्र हैं मैं भी स्वतंत्र हूँ।
नरेश गुप्ता
9837017212
दिनांक 15 जून 2026
