अयोध्या ,
राम जन्म भूमि ट्रस्ट के महामंत्री चंपत राय चंदा चोरी में शामिल हैं यह बात किसी को हजम नहीं हो रही है ,लेकिन गेहूं के साथ घुन पिसने की कहावत तो काफी समय से चली आ रही है
राम जन्मभूमि ट्रस्ट के महामंत्री चंपत राय की ,राम जन्मभूमि मंदिर के चंदा चोरी में या चांदी व सोने के आभूषण गायब करने में उनकी कोई भूमिका है, या नही यह तो SIT ही क्लियर कर पाएगी, लेकिन किसी भी व्यक्ति के गले यह बात नहीं उतर रही है। की चंपत राय जैसा व्यक्ति इस तरीके का कारनामा कर सकता है।
लेकिन एक बात स्पस्ट रूप से सामने आ रही है , की ऐसा नहीं हो सकता कि चंपत राय को इन सब बातों का पता ना हो, की भगवान राम के मंदिर पर जो चढ़ावा आ रहा है, उसमें चोरी की जा रही है, चोरी करने वाले लोग भी चंपत राय जी के अधीनस्थ कर्मचारी ही थे।
यदि उनके संज्ञान में यह बात थी कि दान की राशि में चोरी की जा रही है , उस स्थिति में चंपत राय जी ने कोई कार्यवाही क्यों नही की यह एक बड़ा प्रश्न है।
जिसका जवाब शायद अनुत्तर ही रह जाएगा, क्योंकि चंपत राय जी ज्यादा बोलते नही हैं ,लेकिन वह थोड़े अक्कखड़ मिजाज के जरूर हैं। जांच एजेंसीया भी उनसे बहुत ज्यादा दबाव देकर कुछ भी पूछ पाने की स्थिति में नहीं होगी।

लेकिन जिन लोगों के पास से राम मंदिर का दान का पैसा बरामद हो रहा है । SIT उनको रिमांड पर लेकर जानकारी प्राप्त कर सकती है, की इस चोरी के मामले में असली मामला क्या है। और क्यों चंपत राय जी ने इन चोरों की तरफ से अपनी आंखें मूंद रखी थी।
रही बात राम जन्मभूमि ट्रस्ट के द्वारा मंदिर निर्माण के दौरान जमीन की खरीदी की, उसमें करोड़ों रुपए के घोटाले का भी चंपत राय जी पर आरोप है। लेकिन चंपत राय जी के पास तो करोड़ों की बात तो छोड़िए लाख रुपए भी नहीं होंगे।
अगर आप चंपत राय जी का उत्तर प्रदेश के जनपद बिजनौर के नगीना का मकान देखेंगे तो उसे देखकर आप खुद एहसास कर लेंगे कि जिस आदमी का मकान इस टूटी फूटी जर्जर हालत में है ,ऐसे व्यक्ति ने करोड़ों रुपए का जमीन घोटाला कर पैसे कहां रख दिए हैं ।
एस आई टी के लिए जांच का विषय है, लेकिन सच्चाई यही है कि कोई भी वह व्यक्ति जो चंपत राय को जानता है, उन पर संदेह करने के लिए तैयार नहीं है।
लेकिन राम मंदिर के दर्शन करने पहुंचे वालों व उनके द्वारा मंदिर पर चढ़ाई जाने वाली धनराशि में हेराफेरी करने वालों के कारण राम जन्म भूमि ट्रस्ट व राम मंदिर के चढ़ावे में सेंध लगाने वालों के कारण राम भक्त अचम्भे में तो हैं ही।
