कामाख्या न्यूज
हरिद्वार:
कुंभ मेला की तैयारियों को लेकर अखाड़ों के साथ महत्वपूर्ण बैठक आयोजित
अखाड़ों ने तैयारियों की सराहना करते हुए कहा कुंभ मेला के दिव्य एवं भव्य आयोजन हेतु संत समाज देगा पूरा सहयोग
कुंभ मेला-2027 की तैयारियों को संत समाज की अपेक्षाओं, परंपराओं और आवश्यकताओं के अनुरूप आगे बढ़ाने के उद्देश्य से शहरी विकास मंत्री राम सिंह कैड़ा ने सोमवार को विभिन्न अखाड़ों के संतों एवं प्रतिनिधियों के साथ विस्तृत बैठक की। बैठक में कुंभ से जुड़े स्थायी एवं अस्थायी निर्माण कार्यों की प्रगति की समीक्षा के साथ-साथ अखाड़ों की आवश्यकताओं और संत समाज के सुझावों पर विस्तार से विचार-विमर्श किया गया।
मेला नियंत्रण भवन के सभागार में आयोजित उक्त बैठक को संबोधित करते हुए कैड़ा ने कहा कि कुंभ सनातन संस्कृति और आध्यात्मिक परंपरा का सबसे विराट आयोजन है। इसकी गरिमा केवल भव्य व्यवस्थाओं से नहीं, बल्कि संत समाज के विश्वास, सहयोग और मार्गदर्शन से और अधिक प्रतिष्ठित होती है। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के नेतृत्व में राज्य सरकार अगले वर्ष आयोजित होने वाले कुंभ को दिव्य, भव्य, सुरक्षित और सुव्यवस्थित बनाने के लिए पूरी प्रतिबद्धता के साथ कार्य कर रही है।
उन्होंने कहा कि अखाड़े और कुंभ एक-दूसरे के पर्याय हैं। अखाड़ों और संत समाज के बिना कुंभ की परिकल्पना अधूरी है। इसलिए कुंभ की समस्त व्यवस्थाओं में संतों की भावनाओं, परंपराओं और आवश्यकताओं का पूरा सम्मान सुनिश्चित किया जाएगा। उन्होंने कहा कि कुंभ को लेकर संत समाज के सुझाव और मार्गदर्शन सरकार के लिए अमूल्य हैं तथा इन्हीं के अनुरूप सभी व्यवस्थाओं को अंतिम रूप दिया जाएगा। अखाड़ों एवं संतों के लिए आवश्यक सुविधाएं समयबद्ध रूप से उपलब्ध कराई जाएंगी तथा पूरे आयोजन के दौरान उनसे निरंतर संवाद बनाए रखा जाएगा।
शहरी विकास मंत्री ने कहा कि संत समाज भारतीय संस्कृति और सामाजिक जीवन का पथप्रदर्शक है। इसलिए उनके अनुभव और सुझाव कुंभ के सफल आयोजन के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण हैं। उन्होंने संतों से आग्रह किया कि वे आगे भी इसी प्रकार मार्गदर्शन और सहयोग प्रदान करते रहें, ताकि कुंभ-2027 श्रद्धालुओं के लिए एक अविस्मरणीय अनुभव बन सके।
उन्होंने बताया कि मेला क्षेत्र में सड़क, पेयजल, स्वच्छता, सीवर, प्रकाश व्यवस्था, पार्किंग, शिविर क्षेत्रों के विकास सहित सभी आधारभूत सुविधाओं पर तेजी से कार्य किया जा रहा है। सभी निर्माण कार्य गुणवत्ता एवं निर्धारित समयसीमा के अनुरूप पूर्ण किए जाएंगे, ताकि कुंभ प्रारंभ होने से पूर्व प्रत्येक व्यवस्था पूरी तरह तैयार रहे।
बैठक के दौरान महंत रविन्द्र पुरी (महा निर्वाणी अखाड़ा), महंत राघवेन्द्र दास एवं महंत प्रेमदास (बड़ा उदासीन अखाड़ा), महंत भगत राम एवं महंत जगतार मुनि (नया उदासीन अखाड़ा), संत देवेन्द्र सिंह एवं संत जसविन्दर सिंह (निर्मल अखाड़ा), महंत राजेन्द्र दास एवं महंत राम दास (निर्मोही अखाड़ा), महंत मुरली दास एवं स्वामी संजय दास (निवाणी अणि अखाड़ा), महंत सत्यम गिरी एवं महंत मंसा पुरी (अटल अखाड़ा), महंत वैष्णव दास एवं महंत माधव दास (पंच दिगंबर अखाड़ा), तथा स्वामी महादेवानंद, स्वामी हरिहरानंद एवं स्वामी गोविन्दानंद (अग्नि अखाड़ा) सहित अन्य संत-महात्माओं ने कुंभ मेले की व्यवस्थाओं को लेकर महत्वपूर्ण सुझाव दिए। उन्होंने अखाड़ों की व्यवस्थाओं, श्रद्धालुओं के सुगम आवागमन, पारंपरिक व्यवस्थाओं के संरक्षण तथा मेला क्षेत्र में उपलब्ध कराई जाने वाली सुविधाओं को और अधिक प्रभावी बनाने के संबंध में अपने विचार साझा किए।
