हरिद्वार।
सावन के महीने में शिव भक्ति कांवरिये हरिद्वार से पवित्र जल लेने आते हैं, और अपने-अपने नगरों और क़स्बों के शिवालयों में भगवान भोलेनाथ का जलाभिषेक करते हैं ।
इन कांवरियों को कई बार समझाया जा चुका है की कांवर लेकर जाते समय ना तो नशा करें ना ही किसी से झगड़ा करें ऐसा करने से आपकी कांवर खंडित हो जाती है। लेकिन छुटपुट वारदातें रोजाना सुनने को मिल रही है।
तीर्थ नगरी हरिद्वार से जो लोग पवित्र गंगाजल लेकर अपने नगरों और क़स्बों की तरफ पैदल यात्रा करते हैं, यह यात्रा नहीं बाबा भोलेनाथ के प्रति जप तप व श्रद्धा की पराकाष्ठा कहीं जा सकती है।
लेकिन इतना सब कुछ करने के बावजूद कुछ कांवरिये शायद लड़ाई झगड़ा करने में और गाली गलौज करने में व नशा करने में अपनी शान समझते हैं।
अभी कल की ही बात है एक कांवरियों के दल में करीब 10 साल की उम्र का भी बच्चा था वह बीड़ी पी रहा था मैं रुक गया मैने उससे कहा बेटा यह बीड़ी क्यों पी रहे हो, वह बच्चा फरमाता है की बाबा भोलेनाथ भी तो पिया करते थे ।

मैंने कहा क्या तुमने कभी भोलेनाथ को बीड़ी सिगरेट चिलम पीते हुए देखा है ,तो उस पूरी टीम में ना तो किसी के पास कोई उत्तर था ना उस बालक के पास उत्तर था,
मैंने उनको समझा कर उस बालक से बीड़ी पिकवाई और उसके साथियों को मैंने समझाया कि इस तरीके की हरकतें ठीक नहीं है और कांवर को स्वच्छता के साथ और सादगी के साथ ले जाना चाहिए उन लोगों की समझ में मेरी बात आई और उन्होंने भी उस बालक को काफी समझाया कि यह अब बीड़ी नहीं पिएगा ।
एक दल की समझ में तो आ गया और लोग भी यह समझे कि किसी प्रकार का भी नशा झगड़ा फसाद ना करें अगर आपकी कांवर जरा सी भी किसी व्यक्ति से या किसी चीज से टकरा जाती है, तो इससे कांवर खंडित नहीं होती है, कांवर खंडित होती है आपके उपद्रव करने से गाली गलौज करने से और नशा करने से तो इसलिए आपसे अनुरोध है की कांवर ले जाते समय किसी प्रकार का नशा ना करें और ना ही गाली गलौज करें और ना किसी से झगड़ा करें।
