पाकिस्तान जब से हिंदुस्तान से अलग हुआ है बंटवारे के बाद से ही पाकिस्तान ने अपनी औकात दिखानी शुरू कर दी थी , जितने बेगुनाहों की हत्याएं पाकिस्तान ने की है और करवाई है उन सब का हिसाब अब ऊपर वाला पाकिस्तान से लेकर पाकिस्तान को औकात में ला सकता है।
पाकिस्तान के सेना प्रमुख ने खुद अपने ही देश को तबाही के मुहाने पर पहुचा दिया है , जितना पैसा पाकिस्तान आतंकवादियों के ऊपर खर्च करता है यदि इतना पैसा अपने देश के जरूरतमंद गरीबों के और अपने देश के विकास के ऊपर खर्च करें तो पाकिस्तान उन्नति की ओर अग्रसर होगा।

लेकिन पाकिस्तान को उन्नति की तो जरूरत ही नहीं है, उसे तो नरसंहार में ही मजा आता है ,यह बात पता नहीं कौन सी किताब में पढ़ रखी है की जिहाद करो और मर जाओगे तो जन्नत में हूरें मिलेंगी इन बेवकूफों को यह नहीं पता है कि मरने के बाद मनुष्य को हूरें मिलना तो दूर मोक्ष तक की प्राप्ति नहीं होती है ,
अकाल मृत्यु की वजह से इंसान की रूह भटकती रहती है, और तब तक भटकती रहती है जब तक उसको मोक्ष की प्राप्ति ना हो जाए या उसका पूरे विधि विधान से जिस भी धर्म का है उस धर्म के तहत उसका अंतिम संस्कार ना किया जाए, ऐसे कुछनौजवान जो ISI के झांसी में आकर हूरों की लालसा लिए समय से पूर्व ही काल के गाल में समा जाते हैं। पाकिस्तान के सेना प्रमुख को कोई मुल्ला मौलवी यह बनाने वाला नहीं है कि भाई सुधर जा मान जा निर्दोष लोगों की हाय मत ले अन्यथा गर्त में खुद तो जाएगा ही पाकिस्तान मुल्क को भी साथ मे लेकर जायेगा ।

