
हरिद्वार खैरा पंजाबी ढाबे से HRDA का इश्क पुराना, 2023 से नोटिस भेजना बना मोहब्बत का अफसाना। कारण एक बहुत ही बड़े सत्ताधारी नेता जी का वरदहस्त ढाबे के मालिक के सिर पर होना बताया जाता है, एच आर डी ए की क्या मजाल जो ढाबे की तरफ देख भी ले।

हरिद्वार में नियम-कानून सिर्फ आम जनता के लिए हैं या रसूखदारों के आगे नतमस्तक होने के लिए? यह बड़ा सवाल हरिद्वार-नजीबाबाद हाईवे (NH-74) पर श्यामपुर थाने के ठीक पास संचालित हो रहे प्रसिद्ध ‘खैरा पंजाबी ढाबा’ को देखकर खड़ा होता है। इस आलीशान व्यावसायिक प्रतिष्ठान की बिल्डिंग का नक्शा हरिद्वार-रूड़की विकास प्राधिकरण (HRDA) से पास नहीं है। चौंकाने वाली बात यह है कि प्राधिकरण साल 2023 से लगातार इस ढाबे को अवैध निर्माण के नोटिस थमा रहा है, लेकिन तीन साल बीत जाने के बाद भी आज तक मौके पर कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई है। खैरा पंजाबी ढाबे के लिए आप HRDA के नोटिस किसी प्रेम पत्र से कम नहीं है।

स्वाद का तड़का या नियमों का कबाड़ा?
ढाबे में रोजाना हजारों की संख्या में स्थानीय लोग और देश-विदेश से आने वाले तीर्थयात्री खाने का स्वाद चख रहे हैं। रोजाना लाखों का टर्नओवर करने वाले इस प्रतिष्ठान के पास अपनी बिल्डिंग का वैध मानचित्र तक नहीं है। बिना नक्शा पास कराए इतनी बड़ी कमर्शियल बिल्डिंग का निर्माण खड़ा कर दिया गया और प्रशासन मूकदर्शक बना रहा। आम आदमी अगर बिना नक्शे के एक कमरा भी बना ले, तो प्राधिकरण का पीला पंजा (बुलडोज़र) तुरंत पहुंच जाता है, लेकिन खैरा पंजाबी ढाबे के मामले में विभाग की फाइलें रेंग रही हैं।

2023 से सिर्फ ‘नोटिस-नोटिस’ का खेल!
सूत्रों के मुताबिक, HRDA ने साल 2023 में ही इस अवैध निर्माण को चिन्हित कर नोटिस जारी करने की प्रक्रिया शुरू कर दी थी। लेकिन पिछले तीन सालों में यह कार्रवाई सिर्फ कागजों तक ही सीमित रही। न तो इस अवैध बिल्डिंग को सील किया गया और न ही इसके खिलाफ कोई दंडात्मक कार्रवाई अमल में लाई गई। जनता अब यह सवाल पूछ रही है कि आखिर ऐसी क्या मजबूरी है या किस बड़े सत्ताधारी दल के नेता जी का वरदहस्त इस ढाबे पर है, जिसके चलते एचआरडीए की हिम्मत कार्रवाई करने की नहीं हो रही है?
