देहरादून ,नेताजी खाते भी हैं और गुर्राते भी हैं नेताजी सरकारी दफ्तरों में धरना प्रदर्शन करने के शौकीन है ,चार छ दिन का अल्टीमेटम देते हैं बात बन गई तो गुलदस्ता लेकर पहुंच जाते हैं अन्यथा धरना प्रदर्शन कर ही देते हैं ।
उत्तराखंड में एक ऐसे नेताजी का जन्म हुआ है जिन्होंने अपना एक संगठन बना दिया है और उस संगठन के बैनर पर नेताजी धरने प्रदर्शन करते हैं, हर सरकारी दफ्तर के कामों की सूची नेताजी के पास रहती हैं कुछ अधिकारी नेताजी के काम कर भी देते हैं, 1,2,3,4,5 काम हो तो कर भी दिए जाएं ।
नेताजी के पास तो कार्यों की लंबी चौड़ी लिस्ट होती है अब इतनी लंबी चौड़ी लिस्ट को देखकर अधिकारी भी घबरा जाते हैं , इस लिस्ट में कुछ अनाधिकृत काम भी होते हैं , अनाधिकृत कामों को करने में अधिकारी हिचकते हैं और करते नहीं है बस नेताजी ऐसे अधिकारी के दफ्तर पर चार-पांच दिन का अल्टीमेटम दे देते हैं
यहां पर भ्रष्टाचार है, और हम चार दिन बाद धरना प्रदर्शन करेंगे और भ्रष्टाचार के विरुद्ध कार्यवाही की मांग करेंगें, इस अवधि में अधिकारी नेता जी की घुड़की में आ गया तो बल्ले बल्ले अन्यथा नेताजी 10 ,15 अपने संगठन के सदस्य जिसमें कुछ महिलाएं भी हैं उनको लेकर जिंदाबाद मुर्दाबाद कर देते हैं नेता जी एक रील बनाने वाला अपने साथ रखते हैं ,
नेताजी जिस शहर में भी धरने प्रदर्शन करते हैं वहां के भी कुछ लोग इन नेताजी के खास होते हैं वे खास लोग ही कार्यों की सूची नेता जी को थमाते हैं,
की ये काम होने हैं करा लो अन्यथा धरना प्रदर्शन कर दो नेताजी के समझ में बात आ जाती है , क्योकी काम हो गए तो दोनों का ही फायदा है , नेताजी का कार्य क्षेत्र देहरादून ,हरिद्वार नैनीताल मुख्य रूप से बना हुआ है क्योंकि बाकी अन्य क्षेत्र में तो नेताजी का अभी लंबी चौड़ी कामों की सूची बनाकर देने वाले लोगों से संपर्क नहीं हो पाया है अगर संपर्क हो जाता है तो नेताजी और भी जिलों में प्रवेश करेंगे ।
धरना प्रदर्शन करने में खर्चा भी तो होता है नेता जी विधानसभा चुनाव की भ तैयारी कर रहे हैं , सरकार के खिलाफ नेताजी धरना प्रदर्शन करते रहते हैं, एक बार तो नेताजी उत्तराखंड सचिवालय में महत्वपूर्ण पद पर बैठे एक बेहद ईमानदार अधिकारी के विरुद्ध धरना प्रदर्शन करने पहुंच गए।
हारकर पुलिस को नेताजी को पकडकर जीप में बैठाकर दूर छोड़कर आना पड़ा यही काम नेताजी का बदस्तूर चल रहा है। नेता जी का काम दिन दूनी रात चौगुनी तरक्की करे और इस राज्य से भ्रष्टाचार समाप्त हो जाए नेताजी भी भ्रष्टाचार मिटाने के लिए ही मैदान में उतरे हैं
