रिश्वत लेने के मामले में आरोपी दरोगा ने शिकायतकर्ता को धमकी दी थी कि यदि तीन लाख रुपये नहीं दिए गए तो तुम्हारे खिलाफ चार्जशीट कर दूंगा। सतर्कता अधिष्ठान, मेरठ सेक्टर की एसपी इंदू सिद्धार्थ के अनुसार शिकायतकर्ता ओमवीर सिंह सेना में पी/एडीएच के पद पर आरएचक्यू नार्थ ईस्ट कोलाकाता में तैनात हैं।
उनकी पुत्रवधू वंशिका ने रोहटा थाने पर 14 मई 2025 को ओमवीर, उनकी पत्नी पूनम, बेटे बैंक मैनेजर आदित्य व अक्षय तथा 12 साल के भतीजे विनीत उर्फ मानू के खिलाफ दहेज उत्पीड़न का मामला दर्ज कराया था। इसकी विवेचना रोहटा थाने में तैनात दरोगा शनी सिंह कर रहे हैं। 18 मई को दरोगा शनी सिंह ओमवीर के घर पर अपने अन्य साथी के साथ आया था और कहा कि मैं मुकदमे में मदद कर दूंगा आप अलग से मुझसे मिल सकते हो। 19 मई की शाम को दरोगा शनी सिंह फिर ओमवीर के घर पर आया और सारे सबूत चेक किए।
दरोगा ने कहा कि तीन लाख रुपये लगेंगे, आपके केस में एफआर लगा दूंगा। बाद में डेढ़ लाख रुपये में एफआर लगाने की सहमति दे दी। दरोगा ने यह भी कहा- यदि रुपये नहीं मिले तो वह सबूतों को नजरअंदाज करते हुए तुम्हारे खिलाफ चार्जशीट लगा दूंगा।
सैनिक ने कहा, रिश्वत नहीं दूंगा पकड़वाना चाहता हूं
पीड़ित सैनिक ओमवीर सिंह ने इसकी शिकायत सतर्कता अधिष्ठान मेरठ सेक्टर में की। एसपी इंदू सिद्धार्थ से कहा कि मैं रिश्वत देना नहीं चाहता, रंगे हाथों दरोगा को पकड़वाना चाहता हूं। इस पर एसपी इंदू सिद्धार्थ ने इंस्पेक्टर अंजली शर्मा के नेतृत्व में टीम का गठन किया। टीम ने बृहस्पतिवार को सब इंस्पेक्टर शनी सिंह डेढ़ लाख रुपये रिश्वत की लेते हुए रंगे हाथों गिरफ्तार कर लिया।
दरोगा के पक्ष में कई साथी पहुंचे थाने
दरोगा शनी सिंह के विजिलेंस टीम द्वारा पकड़े जाने की सूचना मिलने के बाद पुलिस महकमे में हड़कंप मच गया। इसके बाद दरोगा के साथी कंकरखेड़ा थाने पहुंचे। जहां उन्होंने पीड़ित से बात करने का प्रयास किया, लेकिन इस दौरान दरोगा के साथियों की पीड़ित से बात नहीं हो सकी।