हरिद्वार । यह पैसे किसके नाम पर इकट्ठे किए जा रहे हैं यह कह पाना तो मुश्किल है ,लेकिन राशन विक्रेताओं में चर्चा है, के यह राशन विक्रेता गगन अपने एक दोस्त पूर्ति निरीक्षक के लिए राशन विक्रेताओं से पैसे एकत्र करता है, यह पूर्ति निरीक्षक भी इस राशन विक्रेता के साथ राशन की कालाबाजारी के धंधे में शामिल है, राशन की कालाबाजारी का धंधा इस कदर इन कुछ राशन माफियाओं को रास आ रहा है कि उनके मुंह ऐसा खून लग गया है कि यह छूट नहीं पा रहा है।
हरिद्वार के वरिष्ठ अधिकारी हो या राजधानी में बैठे पूर्ति विभाग के अधिकारी कोई इन राशन मफ़ियाओ पर अंकुश नही लगा पा रहा है।
तमाम वरिष्ठ अधिकारियों से शिकायत कर लो या कुछ भी कर लो इनके धंधे पर कोई अंकुश लगने वाला नहीं है, बल्कि इनका कारोबार दिन दूना और रात चौगना बढ़ता चला जा रहा है। ये राशन माफिया कोई ना कोई नया फार्मूला कालाबाजारी के लिए निकाल लेते हैं, मोटरसाइकिल व स्कूटर पर दुकानों से राशन माफिया के अड्डों पर पहुंच रहा है, गरीबो के पेट का निवाला।

अब मोपेड और स्कूटीयों पर राशन की कलाबारी चल रही है। सुबह 7:00 बजे यह स्कूटी और मोटरसाइकिल वाले राशन की दुकानों की तरफ निकल पड़ते हैं और राशन की दुकानों से दो दो तीन तीन चार चार कट्टे स्कूटीयों पर और मोटरसाइकिलों पर लाद कर राशन माफिया के ठिकाने पर पहुंचा देते हैं,
राशन माफिया योगी के तीन चेले प्रमुख रूप से राशन की कालाबाजारी में सक्रिय है।
आजकल राशन माफ़िया योगी के तीन चेले जिनमे एक चंदू है एक ज्वालापुर का है और एक विष्णु गार्डन का है ,यह तीनों खुले आम राशन की कालाबाजारी में लगे हुए हैं, और अपने आका योगी के इशारे पर ही धंधा करते हैं ,जिलाधिकारी से लेकर राजधानी में बैठे तमाम आल्हा अधिकारी तक को इस गोरख धंधे की पूरी जानकारी है। लेकिन इन राशन माफियाओं का बाल बांका आज तक होता दिखाई नहीं दिया है। इनका कारोबार बा दस्तूर जारी है। जिसमें पूर्ति कार्यालय व ज्वालापुर राशन गोदाम के कुछ कर्मचारी भी शामिल है।

जब राशन माफिया नए जिलापूर्ति अधिकारी का उनके हरिद्वार आगमन पर उनके कार्यालय में जाकर साहब का स्वागत कर आये हो तो अब डर काहे का।
हरिद्वार के नए जिला पूर्ति अधिकारी महोदय का यह राशन माफिया खुलेआम उनके कार्यालय में जाकर उनका पुष्प गुच्छ भेंट कर स्वागत करके आए हैं, उसके बाद से तो अब कहना ही कुछ बेकार है ।क्योंकि इनकी शिकायत जिससे की जाएगी उसके साथ तो इन माफियाओं की बाकायदा यारी हो चुकी है, जिस दिन से यह राशन माफिया साहब को पुष्प गुच्छ भेंट करके आए हैं, इनका काम निरंतर प्रगति की ओर है, अब राशन विक्रेता भी इन राशन माफियाओं से भय खाते हैं और अपना राशन जिस तरीके से यह राशन माफिया चाहते है, उनके सुपुर्द कर देते हैं
यह राशन माफिया इस राशन को फ्लोर मिल पर पहुंचा कर मोटा माल कमा रहे हैं, यह वह चावल और गेहूं है ,जिसे राज्य और केंद्र सरकार निशुल्क गरीबों को देने के लिए राशन विक्रेताओं को देती है, जो गरीबों के पेट में ना पहुंच कर फ्लोर मिल पर इन राशन माफियाओं के माध्यम से पहुंचता है, और इनको फ्लोर मिल से नोटों की गड्डियां प्राप्त होती हैं ,जिसका बटवारा आपस में राशन माफिया, पूर्ति कार्यालय के कुछ अधिकारी व राशन गोदाम के कुछ कर्मचारियों के बीच हो जाता है, और धन्दा निर्भीक होकर चलता रहता है।क्योकी राशन माफ़िया चंदू की जेब मे रहते है, सारे अधिकारी तो फिर डर काहे का।
