हरिद्वार। मनसा देवी मंदिर के ट्रस्टी अनिल शर्मा का चल रहा है एक छत्र राज अपने पुत्र नमन को सौंप दिया है पूरा मंशा देवी मंदिर का अधिकार ।
तीर्थ नगरी हरिद्वार के मनसा देवी मंदिर पर आने वाले प्रतिदिन लाखों रुपए के चढ़ावे पर अभी भी ट्रस्टी अनिल शर्मा और उसके पुत्र नमन की ही दखल अंदाजी रहती है, मनसा देवी मंदिर पर कार्य करने वाले तमाम कर्मचारी इस बात से परेशान है की वह काफी लंबे समय से मनसा देवी पर अपनी सेवाएं दे रहे हैं, और वह आज तक परमानेंट नहीं हुए हैं, उन्हें अब भी 8 से 10 हजार सैलरी मिल रही है।

लेकिन मनसा देवी के ट्रस्टी अनिल शर्मा ने अपने पुत्र नमन शर्मा को मनसा देवी मंदिर का पूरा चार्ज सौंप दिया है, और नमन शर्मा के ही नेतृत्व में आय व्यय के ब्यौरा रखा जाता है, कितना पैसा मन्दिर पर आता है, कितना दिखाया जाता है कितना पिता पुत्र की जेब में चला जाता है, कितना सोना चांदी चढ़ावे में आता है और कितना दिखाया जाता है, और कितना पिता पुत्र की तिजोरियों में पहुंचा दिया जाता है, इसकी तरफ देखने वाला कोई नहीं है।

राज्य सरकार की पहल पर मन्दिर पैदल मार्ग का भी हो रहा है जीर्णोद्धार।
राज्य सरकार व जिला प्रशासन की तरफ से मनसा देवी मंदिर पर आने वाले श्रद्धालुओं के लिए इतनी सुविधा अवश्य की गई है। की मंदिर पर साफ सफाई पुताई सीसीटीवी कैमरे व पुलिस चौकी स्थापित हो चुकी है ।

साथ ही मनसा देवी पैदल मार्ग पर टूटे पड़े मार्ग का जीर्णोद्धार करने के लिए उत्तराखंड सरकार ने पहल कर इस मार्ग को भी दुरुस्त कराया जा रहा है। यह सारे कार्य तो राज्य सरकार कर रही है। लेकिन मनसा देवी मंदिर पर आने वाला चढ़ावा अनिल शर्मा व नमन शर्मा के नियंत्रण में है। जिस कारण मनसा देवी पर मौजूद तमाम सेवक बेहद परेशान है।

मन्दिर पर जब तक रिशिवर नियुक्त नही होगा ,तब तक इसी तरह मन्दिर पर आने वाले लाखों रु रोज के चढ़ावे की बन्दर बाँट होती रहेगी।
