हरिद्वार । 2027 में होने वाले विधानसभा चुनावों में इस बार मदन कौशिक को चुनाव जीतने के लिए लोहे के चने चबाने होंगे, हरिद्वार में पांच बार से लगातार विधायक चुने जा रहे मदन कौशिक का तोड़ इस बार कुछ राजनीतिक नेता ढूंढने का प्रयास कर रहे हैं। यह नेता विपक्ष के नेता नहीं है यह सत्ताधारी दल भाजपा के ही नेता है ,

पिछली बार लकशर से चुनाव हारे संजय गुप्ता ने लगाए थे आरोप।
पिछले विधानसभा चुनाव में लक्सर से चुनाव हारे संजय गुप्ता हरिद्वार ग्रामीण से चुनाव हारे स्वामी यतीश्वरानंद को चुनाव हरवाने का आरोप मदन कौशिक पर लगा था। जिसका खमियाजा मदन कौशिक आज तक भुगत रहे हैं ।इतने वरिष्ठ नेता होते हुए भी उन्हें मंत्रिमंडल में शामिल नहीं किया गया है, और हरिद्वार में भी जिस तरीके से उनकी तूती बोला करती थी उसमें भारी कमी आई है।

मलाईदार विभागों के रह चुके है मंत्री,

मदन कौशिक ऐसे नेता है जो उत्तराखंड में नगर विकास मंत्री होने के साथ-साथ आबकारी मंत्री भी रह चुके हैं, यह दोनों ही विभाग बेहद मलाईदार विभाग माने जाते हैं और मदन कौशिक जी ने इसका भरपूर फायदा भी उठाया था, मदन कौशिक इमली खेड़ा के रहने वाले हैं जब वे इमली खेड़ा से हरिद्वार आए थे तो एक छोटा सा उनका मावे का कारोबार हुआ करता था, लेकिन आज मदन कौशिक की हैसियत कितनी है इसको तो आंकना किसी के बस की बात नहीं है। लेकिन इतना जरूर है जितनी भी शहर की प्राइम लोकेशन की संपत्तिया है उनमें हर जगह अपने विधायक जी का नाम जुड़ा रहता है ।
बेहिसाब बेनामी सम्पत्ति के मालिक है।

यह संपदा विधायक जी ने कहते हैं राजनीति का साथ साथ प्रॉपर्टी के कारोबार से भी कमाई है, प्रॉपर्टी के कार्य में मदन जी के साथ शहर के कई नामी प्रॉपर्टी डीलरो का नाम जुड़ा हुआ है। नगर निगम के पूर्व मेयर मनोज गर्ग के भाई मनीष गर्ग व नैय्यर जी का नाम तो मदन जी के साथ कारोबार में काफी दिनों तक चर्चा में रहा, लेकिन मदन कौशिक अपने को साधारण राजनेता बताते है। उनसे जब पूछा गया की लोगों का मानना है, की आप उत्तराखंड के सबसे अमीर विधायक है, इस पर मदन जी भड़क जाते है, और अपने को बिलकुल सामान्य सम्पत्ति का स्वामी बताते है। किसी भी प्रॉपर्टी डीलर से अपने व्यापारिक संबंधों को खारिज़ करते हैं |
मदन जी के लिए इस बार विधानसभा की राह आसान नही होगी।
मदन कौशिक के लिए इस बार विधायक का चुनाव लड़ना और जीतना इतना आसान नहीं होगा क्योंकि मदन जी से उन्हीं की पार्टी के काफी सारे नेता किनारा कर चुके हैं, इसके पीछे कारण यह है की मदन कौशिक सभी को कोई ना कोई पद दिलाने का लालच देकर अपने साथ जोड़े रहते थे, लेकिन पद केवल उनका फेवरेट झटक लेता है। फिलहाल तो मदन जी के लिए इस बार विधानसभा का रास्ता कठिन दिखाई पड़ रहा है ।क्योंकि हरिद्वार की जनता अब बदलाव चाहती है, हरिद्वार की जनता का कहना है की मदन जी ने हरिद्वार के विकास के लिए विगत 25 वर्षों में आज तक ऐसा कोई कार्य नहीं किया जिसे कहा जा सके कि यह कार्य मदन जी की देन है। हां विधायक जी का विकास जमकर हुआ है 25 वर्षों में किस-किस रूप में विकास हुआ है। यह शहर की जनता जानती है, लेकिन विधायक जी अपने विकास से इनकार करते है।
कई बार विधायक जी पर आरोपों की बौछार भी हुई।
कई बार मदन जी पर तरह-तरह के आप भी लगे हैं नीलम कांड इन आरोपों में मुख्य आरोप रहा है, लेकिन इसके बावजूद मदन कौशिक पांच टर्म से उत्तराखंड विधानसभा में हरिद्वार का प्रतिनिधित्व करते हैं। मदन कौशिक चुनाव में खुलकर पैसा बहाते हैं पैसे की उनके पास कोई कमी भी नहीं है।
गजब का चुनाव मैनेजमेंट है मदन कौशिक का,हींग लगे न फिटकरी रंग चोखा ही चोखा।
मदन कौशिक रक्षाबंधन हो भैया दूज हो दीपावली हो होली हो सभी त्योहारों पर अपने विधानसभा क्षेत्र की महिलाओं और पुरुषों को उपहार वितरित करने में आगे रहते हैं, हालांकि इन उपहारो को वितरित करने में मदन कौशिक की जेब से कोई पैसा नहीं लगता है। उन्हें तो केवल फोन घुमाना होता है ,की भाई तू इतने पैकेट खाने के भिजवा देना तू इतने पैकेट मिठाई के भिजवा देना तू इतने पैकेट साड़ियों के भिजवा देना तू इतने पैकेट पैंट शर्ट के भिजवा देना, मंच पर विधायक जी की जय जयकार होती है ।और इस जय जयकार में विधायक जी का कोषाध्यक्ष साथ रहता है ।
हार का ठीकरा मदन के सर पर फोड़ा,इस बार किसी सन्त को हरिद्वार से लड़ाने की मांग।
पिछले विधानसभा चुनाव में लक्सर विधानसभा सीट से चुनाव हारे संजय गुप्ता ने तो खुलकर मदन कौशिक जी पर उन्हें चुनाव हरवाने का आरोप लगाया था ।उस समय मदन कौशिक उत्तराखंड प्रदेश के भाजपा के अध्यक्ष थे उनके अध्यक्ष रहते , संजय गुप्ता लक्सर,यतीश्वरानंद हरिद्वार ग्रामीण से भी चुनाव हारे थे। और इन दोनों की हार का ठीकरा मदन कौशिक के सिर पर ही फूटा था। जिसका खमियाज़ा मदन कौशिक आज तक उठा रहे हैं। 2027 के विधानसभा चुनाव में मदन कौशिक क्या रणनीति अपनाते हैं और मदन कौशिक को राजनीतिक में मात देने के लिए मदन कौशिक के कई प्रेमी कौन सी रणनीति अपनाते हैं, और दोनों की रणनीति में किसकी जीत होती है जनता को इसका इंतजार है, लेकिन इस बार मदन कौशिक को अपने विधानसभा चुनाव में बहुत ही फूंक-फूंक कर कदम रखने होंगे तभी जाकर उन्हें कामयाबी मिल सकती है अन्यथा इस बार मामला डामाडोल लग रहा है |
किसी सन्त को बीजेपी के टिकट पर हरिद्वार से लड़ाने की मांग।
बीजेपी के ही कुछ नेताओं ने तो यह भी कहना शुरू कर दिया है की अब हरिद्वार सीट से किसी साधु को विधानसभा में पहुंचाया जाए साधु के नाम पर बात की जाए तो कई चेहरे सामने आते हैं एक अत्यधिक महत्वकांक्षी स्वामी तो पिछली बार लोकसभा में जाने के लिए नोटों से भरा ब्रीफकेस लिए दिल्ली पड़े रहे थे। लेकिन पार्टी ने हरिद्वार से किसी साधु को टिकट न देकर त्रिवेंद्र सिंह रावत पर दाव खेला था, और त्रिवेंद्र सिंह रावत चुनाव जीत गए। त्रिवेंद्र सिंह रावत मदन कौशिक खेमे के माने जाते हैं। मदन कौशिक ने त्रिवेंद्र सिंह रावत जी के मुख्यमंत्री रहते एक तरीके से राज्य में उपमुख्यमंत्री की भूमिका निभाई थी। इससे पहले मदन कौशिक के रिश्ते रमेश पोखरियाल निशंक से भी काफी गहरे थे, लेकिन कुंभ मेले में दोनों में खटास पैदा हो गई थी और दोनों ने एक दूसरे से किनारा कर लिया था ,जो आज तक 36 का आंकड़ा में बना हुआ है।
मदन जी और चुनावी कॉलोनियां
हरिद्वार विधानसभा क्षेत्र में मदन कौशिक की जीत कुछ विशेष कॉलोनियों और बस्तियों पर निर्भर मानी जाती है। अनुमानतः लगभग 15,000 मतदाता ऐसे हैं जिन्हें मदन कौशिक का स्थायी समर्थन आधार माना जाता है। जनमत के अनुसार, इन बस्तियों में मदन कौशिक समय–समय पर उपहार और फल (विशेष रूप से अंगूर) बांटते रहे हैं, जिससे उनका प्रभाव लगातार बना रहा।
इस बार स्थिति भिन्न है, क्योंकि कई अन्य दलों की निगाह भी इन्हीं कॉलोनियों पर है।
मुख्य कॉलोनियां व अनुमानित मतदाता
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राजीव नगर (सिंहद्वार से दुर्गा मंदिर तक): लगभग 8,000 मतदाता
इस क्षेत्र में लाल मंदिर बस्ती, इंद्रा बस्ती और सोनिया बस्ती भी शामिल की जाती हैं। -
राजीव नगर (गोविंदपुरी के पास): लगभग 500 मतदाता
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विकास कॉलोनी (ऋषिकुल मैदान से गोविंदपुरी): लगभग 1,500 मतदाता
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सिंचाई विभाग कॉलोनी: लगभग 250 मतदाता
अन्य प्रभाव क्षेत्र
ब्रह्मपुरी, काशीपुरा, बैरागी कैंप, बजरीवाला, सपेरा बस्ती, निर्मला छावनी, इंद्रा बस्ती, लोधामंडी, टिबड़ी, शिवलोक, भभूतावाला बाग, हरकी पैड़ी के निकट सोनिया बस्ती, खड़खड़ी के पास नई बस्ती, दूधाधारी चौक से लालजीवाला, बंजरावाला और इंद्रा बस्ती सहित कुल 20–22 बस्तियां इस प्रभाव–मानचित्र में आती हैं।
