देहरादून । उत्तराखंड में सरकारी सस्ते राशन के विक्रेताओं से राशन विक्रेताओं के नेता नेतागिरी की आड़ में सरकारी सस्ते गल्ले के दुकानदारों से कभी ना कभी किसी न किसी नाम पर मोटी रकमें वसूलते रहते हैं , ये पैसे राज्य के खाद्य एवं पूर्ति विभाग से जुड़े अधिकारियों के नाम पर वसूली जाती है ,
कुमाऊँ में 25 लाख मांगने की ऑडियो वायरल, वसूली में हरिद्वार का नेता भी है चार कदम आगे,25 लाख मांग रहे नेता जी का खास है हरिद्वार वाला नेता।
एक वीडियो बाकायदा कुमाऊं से वायरल हो रही है ,जिसमें राशन विक्रेताओं के नेताजी राशन विक्रेताओं से 25 लाख रुपए तुरंत एकत्र कर भिजवाने की बात कह रहे हैं। और कह रहे हैं कि अगर शीघ्र पैसे नहीं भिजवाए गए तो जितने भी राशन कार्ड होंगे, फिर उनका ही सत्यापन होगा बाकी सारे राशन कार्ड रह जाएंगे, यह वसूली इन दुकानदारों से नेता लोग करते हैं जिन नेताओं की सेटिंग जनपद में डीएसओ से लेकर मुख्यालय में बैठे अधिकारियों व विभागीय मंत्री तक बताई जाती है। यही कारण है कि यह लोग जो इन राशन विक्रेताओं के नाम पर नेतागिरी करते हैं इस नेतागिरी को छोड़ना नहीं चाहते हैं, क्योंकि मोटी रकम इन लोगो के मुंह इस कदर लग चुकी है, की इसका चस्का छूट नहीं रहा है,

नेता जी दुकानदारो को लूटते है, दुकानदार गरीब राशन उपभोक्ताओं के पेट पर लात मारते है।
जिस तरीके से ये नेता राशन विक्रेताओं को लूटते हैं ,ठीक उसी तरीके से राशन विक्रेता दुकानदार उन उपभोक्ताओं को लूटते हैं जिनको सरकार कम दामों में या निशुल्क गेहूं चावल देती है , इन गेहूं चावलों का इक्का-दुक्का दाना अगर किसी गरीब गुरबा की झोली में पहुंच जाए तो वह अपने आप को भाग्यशाली समझता है, अन्यथा अधिकांश माल दुकानदार भी बाजार में बेच देते हैं ,इस तरीके से चल रहा है यह राशन विभाग का खेल ,इस खेल में मंत्री से लेकर संत्री तक निहाल है, और अगर कोई बेहाल है तो वह , वो गरीब है जिसके लिए यह खाद्य योजना राज्य सरकार या केंद्र सरकार चला रही है ।
