हरिद्वार । नगर निगम हरिद्वार के आयुक्त रहे वरुण चौधरी ने बहुत ही शातिराना तरीके से नगर निगम की 58 करोड रुपए की रकम को ठिकाने लगा दिया जिसकी जांच सरकार विभिन्न एजेंसियों से करा रही है लेकिन इस जांच का परिणाम अभी तक सामने नहीं आया है ,इस घोटाले में वरुण चौधरी के साथ-साथ हरिद्वार के तत्कालीन जिलाधिकारी कमरेंद्र सिंह एसडीम व नौ अन्य अधिकारी लपेटे में आ चुके हैं, लेकिन अभी तक इनमें से किसी को भी सजा की घोषणा नही हुई है। और ना ही वरुण चौधरी से नगर निगम की 58 करोड रुपए की रकम की रिकवरी हुई है ।

IAS वरुण चौधरी,58 करोड़ हजम करने के बाद डकार भी नही ली।
वरुण चौधरी आई ए एस अधिकारी होने के कारण नगर निगम के कर्मचारियों और जिले के तमाम अधिकारियों को धमकाते थे और बिना पैसा लिए कोई काम नहीं करते थे। लेकिन इस बार वे अपने ही बुने जाल में वे इस कदर फस गए हैं कि उनको जवाब देते नहीं बन रहा है ,इस प्रकरण में स्थिति यह भी साफ है की वरुण चौधरी को 10 लाख से अधिक का चेक काटने का अधिकार नहीं है, लेकिन वरुण चौधरी ने तो आनन फ़ानन में करोड़ों के चेक काटकर माल को अंटी किया और निकल लिए। अब देखना यह है, कि राज्य सरकार वरुण चौधरी से यह 58 करोड़ की भारी भरकम रकम की रिकवरी कब तक करती है।

