हरिद्वार । हरिद्वार के पांच बार के भाजपा विधायक व कैबिनेट मंत्री मदन कौशिक को राजनीति का मंझा हुआ खिलाड़ी माना जाता है। मदन कौशिक का राजनीति में इस तरीके से गुणा भाग चलता है की अन्य नेता तो चुनाव आने से पहले जनता के बीच जाते हैं। लेकिन मदन कौशिक चुनाव जीत जाने के बाद अगले चुनाव की तैयारी भी उसी दिन से शुरू कर देते हैं। हर वार्ड में हर गली मोहल्ले में हर कॉलोनी में मदन कौशिक के पेड वर्कर मौजूद है। किसी का मरना जीना हो किसी के यहां दुःख हो खुशी हो सब जगह मदन कौशिक को सूचना मिलते ही मदन कौशिक खुद पहुंच जाते हैं ,अन्यथा वे अपने भाई मुकेश को भेजते हैं।
होली दीपावली भईया दूज सार्वजनिक रूप से मनाना नही भूलते मदन कौशिक।
होली दिवाली पर महिलाओं को मिठाई व वस्त्र वितरित करना रक्षाबंधन पर राखियां बंधवाना यह मदन कौशिक की कार्यशैली में शामिल है। इसीलिए मदन कौशिक को हरिद्वार सीट से हरा पाना नामुमकिन है। लेकिन ये भी तय है मदन कौशिक के अलावा हरिद्वार सीट से कोई और प्रत्यासी बीजेपी के टिकट पर यहाँ से चुनाव नहीं जीत पायेगा। मदन कौशिक ने जिन लोगों को राजनीति का क ख ग सिखाया और जिनको कुर्सियों पर बैठना सिखाया जिनकी पहचान बनवाई और जिन्हें सामान्य आदमी से करोड़पति बनवाया वे आज मदन कौशिक से किनारा करे हुए हैं ।अब यह तो मदन कौशिक और वे लोग जानते होंगे कि यह मामला है क्या लेकिन राजनीति में सब कुछ संभव है गुरु गुड़ रह जाता है और चेला चीनी बनने का प्रयास करते हैं। लेकिन यहां उल्टा है। यहां मदन कौशिक चेलों को चीनी बनने नहीं देते हैं खुद ही चीनी भी रहते हैं और खुद ही गुड भी रहते हैं ।

ग्रह चाल का भी खेल
यह बात अलग है की ग्रह चाल के चलते उन्हें उत्तराखंड के मंत्रिमंडल से अलग रहना पड़ा लेकिन अब उनकी ग्रह चाल ठीक दिखाई दे रही है । अब काफी महत्वपूर्ण विभागों के वे मंत्री हैं और इतना ही उनके लिए यही काफी है कि उनके आगे पीछे गाड़ियों का काफिला चलता रहे। जिस दिन से मदन कौशिक मंत्री बने हैं उस दिन से उनके आगे पीछे फिर लोग मंडराने लगे है क्योंकि हरिद्वार की जनता तो कुर्सी को सलाम करती है। तो जो लोग मदन कौशिक से किनारा कर गए थे उनमें से अधिकांश तो अब पुनः मदन कौशिक के साथ दिखाई देने लगे हैं ।लेकिन कुछ लोग ऐसे हैं जिन्हें शायद मदन कौशिक ने हीं अपने खेमे से दूर कर दिया है।

मदन कौशिक की कुछ गोली बाजियों से भी उनके लोग उनसे नाराज हो जाते है। कोषाध्यक्ष से भी नाराज,
मदन कौशिक को एक बात समझ लेनी चाहिए मदन कौशिक की जो एक आदत आदत है कि वह हर व्यक्ति को मेयर से लेकर पार्षद और जाने क्या-क्या बनवा देने के ख्वाब दिखा देते हैं और बाद में करते वहीं है जो उनके मन में होता है। इससे लोग उनसे नाराज हो जाते हैं। कुछ लोग मदन कौशिक के कोषाध्यक्ष की कार्यशैली से भी बेहद नाराज हैं। क्योंकि यह कोषाध्यक्ष फक्कड़ बाबा से करोड़पति बन गया है ।

कुम्भ के बिछड़े यारों का दिखावे के लिए भरत मिलाप,
आज इसके पास गाड़ी घोडा कोठी प्लाट सब कुछ है ,और अपने आप को यहीं कैबिनेट मंत्री समझता है ।मदन कौशिक जी को इस पर भी निगाह रखनी होगी कि कहीं ऐसा ना हो की इस कोषाध्यक्ष के चक्कर में मदन कौशिक जी को कुछ और लोगों से बुराई मोल लेनी पड़े ,मुंह पर तो कोई कुछ नहीं कहता है लेकिन पीछे बीजेपी के ही सारे लोग और खासकर मदन कौशिक के खेमे के लोग इस कोषाध्यक्ष से इतनी खुन्दक रखते हैं कि इसकी शक्ल देखना भी पसंद नहीं करते हैं ।कुछ लोग जो बीजेपी से ही जुड़े हुए हैं ।और मदन कौशिक के खास हैं । ने लखनऊ वाला बहुत पुराना किस्सा भी पत्रकारों को बताया था ,यह मामला नवाब साहब से जुड़ा हुआ था ।लेकिन लोगों ने उस प्रकरण को दबा दिया था।

पूरे राज्य में विकास का कराने का मिला है मौका ।
फिलहाल मदन कौशिक के ग्रह चाल इस समय बहुत अच्छे चल रहे हैं ।मदन कौशिक अब मंत्रिमंडल में रहते हुए अपना वर्चस्व पुन स्थापित कर लेंगे। और पूरे राज्य में विकास कार्य करने में वह पूरी मेहनत करने पर आमादा है। जो विभाग उनको मिले हैं। उन विभाग के विभाग अध्यक्षों को और अधिकारियों की बैठकर वह कर रहे हैं। और उनको निर्देशित किया जा रहा है। कि इस चुनाव से पूर्व जितने भी अधिक से अधिक विकास कार्य हो सकते हैं उनको किया जाए।
