हरिद्वार ।
शराब माफिया बिहारी उर्फ जसवाल कि पूरे हरिद्वार में बिकती है धड़ल्ले से शराब। कौन है यह जसवाल उर्फ बिहारी बाबू ,और यह कहां से इस तीर्थ नगरी में आया है ।और किस तरह इसने शराब के नाजाइज़ कारोबार में तीर्थ नगरी हरिद्वार में पैर जमा लिए हैं।
तीर्थ नगरी हरिद्वार में ये व्यक्ति केवल शराब ही नही चरस व स्मैक का भी काम यही बिहारी बाबू बड़े पैमाने पर करता है।
कई आश्रमों में इसके द्वारा भारी मात्रा में चरस की भी सप्लाई प्रति दिन होती है ।
इस बिहारी बाबू उर्फ जसवाल के ऊपर एक शराब के कारोबारी का पूरा हाथ बताया जाता है ।यह शराब के कारोबारी का पूर्व में राज्य के शराब कारोबारियों के साथ उठना बैठना था।

लेकिन अब जब से इसने शराब के धंधे में खुद हाथ आजमाएं हैं ।करोड़ों में खेल रहा है । इसने उत्तराखंड के साथ-साथ उत्तर प्रदेश, हिमाचल, हरियाणा में भी शराब के ठेके ले रखे हैं। इसी व्यक्ति की शराब को बिहारी बाबू उर्फ जसवाल तीर्थ नगरी हरिद्वार में सप्लाई करता है ।
सभी थानों में इन बिहारी बाबू उर्फ जसवाल महोदय की अच्छी खासी पेंठ है,
ब्रह्मपुरी हो रेलवे स्टेशन के सामने टेलीफोन एक्सचेंज के पास हो कॉलेज, मोहल्ला हो कनखल में भीमगोडा में हर की पैड़ी सुभाष घाट पर रोड़ी बेल वाला में सभी जगह इसकी शराब सप्लाई होती है । लगभग हरिद्वार शहर में 30 से 40 लाख रुपए रोज की शराब की अवैध बिक्री यह बिहारी बाबू करते है।

वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक तीर्थ नगरी हरिद्वार की मर्यादा से खिलवाड़ करने वालो को शीघ्र सबक सिखाने के मूड में है।
इस बिहारी बाबू पर हाथ डालने का आज तक पुलिस ने कोई प्रयास नहीं किया है । वर्तमान वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक नवनीत सिंह भुल्लर को भी तीर्थ नगरी हरिद्वार में इस नशे की मंडी बन चुके कारोबार की शिकायतें प्राप्त हो रही हैं।
एस एस पी खुद, मुख्यमंत्री के नशा मुक्त राज्य को जो लोग तीर्थ नगरी हरिद्वार में पलीता लगा रहे हैं। उन लोगों से सख्ती से निपटने के लिये एक टीम का गठन करने जा रहे है । एस एस पी की माने तो इस तीर्थ नगरी हरिद्वार की मर्यादा से किसी को खिलवाड़ नही करने दिया जाएगा।

तीर्थ की मर्यादा से खिलवाड़ नही होने दिया जाएगा, s s p
हरिद्वार के एक थाना क्षेत्र के शराब कारोबारी का पूरा संरक्षण प्राप्त होने के साथ-साथ पुलिस का और आबकारी विभाग का भी पूरा संरक्षण इन शराब माफिया महोदय को प्राप्त है। इस तीर्थ नगरी में छोटे-छोटे बच्चे लड़कियां महिलाएं तक इस कारोबार को कर रही है।
यदा कदा कोई छुट भैया शराब बेचते हुए पकड़ा भी जाता है ,तो उसकी तत्काल जमानत कोर्ट से हो जाती है, रही बात चरस अफीम गांजा व स्मेक की तो अकेले जूना अखाड़े में ही प्रतिदिन ढाई सौ ग्राम से अधिक चरस की खपत होती है। और इस चरस का प्रबंध भी यह बिहारी उर्फ जसवाल ही करता है।
साथ ही अफीम गांजा का भी कारोबार करने के साथ-साथ स्मेक का धंधा भी इसी के ईशारे पर होना बताया जाता है। यह कारोबार करने के लिए इसके पास काफी बड़ी टीम है।जो नशे का सामान हरिद्वार में सप्लाई करती है।
अभी हाल ही में एक अरणी, करणी सेवा के नेता जी जो तथाकथित पत्रकार भी बताए जाते है की शराब बेचने वालों से उगाई करने कारण जमकर धुनाई कर दी। इन शराब बेचने वालों ने मेरे हिसाब से तो बिल्कुल ठीक धुनाई की है ।भाई शराब बेचने वाले भी आखिर किस किस को पैसा दे।
