देहरादून। उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के नशा मुक्त राज्य को इस राज्य में स्मेक जिसको सफेद पाउडर व चिट्टा के नाम से भी जाना जाता है उसकी सप्लाई करने वाला गैंग का मुखिया आज तक पुलिस की गिरफ्त में नहीं आ पाया है।
इस बेश कीमती नशे की लत में देहरादून ,हरिद्वार ,हल्द्वानी के अलावा कई पर्वतीय जिले भी आ चुके हैं ।इस नशे को बेधड़क स्कूल के नौजवान छात्र-छात्राओं को इसका आदि बनाया जा रहा है ।

अच्छे बड़े घर के बच्चों को ही इसका निशाना बनाया जाता है। क्योंकि यह नशा काफी महंगा नशा है । इसकी लत यदि किसी को लग जाती है ,तो वह इसको छोड़ पाने में असमर्थ रहता है।
इस नशे को हाशिल करने के लिए इसके आदि , चोरी तक करते हैं।
इस नशे के लिए चाहे उन्हें अपने घर में चोरी करनी पड़े या आस पड़ोस के घरों में चोरी करनी पड़े या कुछ भी करना पड़े, लेकिन नशे के आदि इस नशे के लिए पैसा जरूर लेकर आएगे।

हालांकि हरिद्वार हो या देहरादून हो या हल्द्वानी हो यहां अक्सर यह स्मेक उर्फ सफेद पाउडर, चिट्टा ,पुलिस अक्सर 10 ग्राम 20 ग्राम 50 ग्राम 80 ग्राम 240 ग्राम तक की मात्रा में पकड़ती रहती है। लेकिन इस सफेद पाउडर रूपी जहर के जरिए उत्तराखंड की युवा पीढ़ी को बर्बाद करने वाला सरगना आज तक पुलिस की गिरफ्त में नहीं आ पाया हैं । केवल छुटभैये सप्लायर पकड़े जाते है।इसलिए उत्तराखंड में उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी का नशा मुक्ति राज्य इस स्मेक सप्लायर की वजह से दम तोड़ रहा है।
