देहरादून। उत्तराखंड के पूर्व मुख्यमंत्री भुवन चन्द्र खंडूरी के लंबी बीमारी के बाद निधन का समाचार सुनकर उत्तराखंड के पूर्व मुख्यमंत्री व कांग्रेस के वरिष्ठ नेता हरीश रावत ने दुख व्यक्त किया है। भुवन चन्द्र खंडूरी के निधन का समाचार सुनकर हरीश रावत काफी भावुक दिखाई दिए।
हरीश रावत के अनुसार खंडूरी जी उनके साथ संसद में भी रहे हैं ।भले ही हम अलग-अलग पार्टियों में थे ।लेकिन हम लोग एक साथ जब मिलते थे तो पूरे आत्मियता के साथ मिलते थे। हरीश रावत के अनुसार खंडूरी जी ने सेना में जो अपनी भूमिका अदा की है ।वह देश के लिए गौरव की बात रहेगी।

साथ ही उत्तराखंड की राजनीति में भी उन्होंने सादगी, ईमानदारी और समय की पाबंदी के साथ जो कार्य उत्तराखंड के विकास के लिए किए हैं ।वह भी कभी भुलाए नहीं जा सकेंगे।हालांकि हरीश रावत ने भुवन चन्द्र खंडूरी के साथ बिताए पलों के बारे में काफी बातें बताई कि जब वह मुख्यमंत्री थे ,तब मैं उनसे मिलने गया था । हरीश रावत ने कहा जब मैं खुद मुख्यमंत्री था तो वह खुद मेरे से मिलने भी आए थे ।
और मुख्यमंत्री बनने से पहले जब हम संसद में होते थे , तब भी एक दूसरी पार्टी के सांसद अगर कटाक्ष भी किया करते थे। तो वह भी बड़े गरिमा में रहकर ही किया किया करते थे। आज की तरह का माहौल उस समय बिल्कुल नहीं था। सभी लोग एक दूसरे का सम्मान करते थे। हरीश रावत ने कहा की उत्तराखंड में भुवन चन्द्र खंडूरी जैसे नेता की कमी राज्य की जनता को हमेशा खलती रहेगी।
