देहरादून । उत्तराखंड राज्य के सारे मेडिकल स्टोर रहे बंद । उत्तर प्रदेश के दवा विक्रेताओं ने भी रखी एक दिवसीय हड़ताल
हरिद्वार के मेडीशन कारोबारी अंग्रेजी दवा विक्रेताओं के प्रदेश अध्यक्ष अमित गर्ग के अनुसार ऑनलाइन आने वाली दवाई मिलावटी भी हो सकती हैं ।

अंग्रेजी दवा विक्रेताओं की संस्था ने एकदिवसीय सांकेतिक हड़ताल कल बुधवार के दिन रखी थी, जो पूर्ण सफल रही इन दवा विक्रेता संगठन के सदस्यों का कहना है ।जो कंपनियां ऑनलाइन दवा बेच रही है ,साथ ही 20 से 50% तक डिस्काउंट भी देती हैं। ऐसी मेडीशन पर कोई विश्वास नहीं किया जा सकता। यह दवाई मानकों पर खरी साबित नहीं हो सकती ।
जो की उपभोक्ताओ की जान से सीधा खिलवाड़ है।
संगठन के अध्यक्ष अमित गर्ग के अनुसार फुटकर दवा विक्रेता को मात्र 18 से 20% तक कमीशन मिलता है जिसमें से दुकानदार 10 से 15% तक अपना मार्जिन उपभोक्ता को छोड़ देता है । ऐसे में ऑनलाइन दावों के द्वारा सप्लाई होने वाली मेडीशन पर 20 से 50% तक कमिशन दिए जाने वाली दवाओं की गुणवत्ता पर सवाल खड़े होते हैं। इस तरह की मेडीशन को सप्लाई करने वाली कंपनियों के विरुद्ध ड्रग विभाग आंखें मूंदे रहता है।

फुटकर मेडीशन विक्रेता व्यापारियों का कहना है की मरीजों की जान से खिलवाड़ करने वालों के विरुद्ध सरकार को कार्यवाही करनी चाहिए। लेकिन सरकार इन लोगों के विरुद्ध कोई कार्यवाही नहीं करती है ,और ना ही ड्रग विभाग इन कंपनियों के विरुद्ध कोई ठोस कदम उठाता है ।जिससे इनके हौसले बुलंद है।

हरिद्वार के सिडकुल व भगवानपुर में ही अनगिनत फार्मा कंपनियां मौजूद है जहां सब स्टैंडर्ड दवाइयां बनने के साथ-साथ कुछ फैक्ट्रीयो में मन माफिक दवाइयो का भी निर्माण होता है। लेकिन आज तक इन मेडिसिन को बनाने वाली फैक्ट्रीयो पर कोइ कार्यवाही नहीं की जा सकी है।
उत्तराखंड अंग्रेजी मेडीशन एसोसिएशन के अध्यक्ष अमित गर्ग के अनुसार एसोसिएशन अब इस तरह का कारोबार कर मरीजों की जान से खिलवाड़ करने वाली कम्पनियों के विरुद्ध एसोसिएशन खुलकर आंदोलन करेगी।
