हरिद्वार। भीमगोडा क्षेत्र के असरदार लोगों के सिर पर एक खद्दर धारी नेताजी का हाथ है। नेता जी दबंग नेता है। इनके आगे हरिद्वार के लोग घुटने टेकते हैं। एक अकेली भीमगोडा की यही सम्पत्ति नहीं और भी कई संपत्तियों पर इन नेताजी के बर्चस्व के कारण ही कब्जे हो चुके हैं। लेकिन नेताजी का आज तक कोई कुछ बिगाड़ नहीं पाया है ।
50 करोड़ से अधिक की संपत्ति पर नेता जी ने चेलो की मार्फ़त कब्जा कर लिया है।और नगर निगम के अधिकारी हाथ मल रहे है।

नगर निगम की इस 50 करोड रुपए से अधिक की भूमि पर नेताजी ने अपने चेलों को काबिज करा दिया है ,और चेले भी उसी जमीन पर काबिज होते हैं ,जिस पर नेताजी की निगाह होती है, नेताजी इसी तरीके से शहर की तमाम जमीनों पर कब्जा कर न जाने कितनी संपत्ति के मालिक बन चुके हैं। लेकिन कपड़े तो सफेद पहनते हैं इसलिए सफेद पोश नेता कहलाते हैं ,नेताजी के चेले चपाटे फिलहाल तो कुछ दुबके हुए घूम रहे हैं। अन्यथा जब नेताजी का पूरा जलवा होता है, तो चेले चपाटे तो नेताजी से भी 2 फिट ऊपर कूदते हैं ।

एस डी एम इस भूमि को नगर निगम की बता चुके है, लेकिन नेता जी के आगे एस डी एम क्या बेचता है।
तमाम तरह से लिखा जा चुका है कहा जा चुका है, लेकिन नेताजी के सामने कोई कानून नहीं चलता है। एसडीएम पूरन सिंह राणा जो हरिद्वार में 3 साल तक तहसीलदार भी रह चुके है।और एस डी एम रहते वे खुद इस जमीन को नगर निगम की जमीन बता चुके है ।लेकिन नेताजी के सामने न जाने कितने एसडीएम और तहसीलदार घूमते रहते हैं, इसलिए नेताजी को और नेताजी के चेलो को किसी कानून की कोई फिक्र नहीं है, नेताजी को तो माल चाहिए और नेताजी की निगाह जिश संपत्ति पर लग जाए।

तो समझ लो वह तो चाहे सरकारी हो चाहे गैर सरकारी हो वह तो नेताजी की हो गई, यह तीर्थ नगरी हरिद्वार है, लेकिन नेताजी बिहार व पूर्वी उत्तर प्रदेश के नेताओं की तरह रंगदारी दिखाते हैं ।और यह रंगदारी उनकी काम भी आती है। इसी रंगदारी की बदौलत नेताजी के पास काफी संपत्ति है , जिसकी जांच हो जाए तो तमाम संपत्ति नामी बेनामी साबित होने में देर नहीं लगेगी। लेकिन जांच कराएगा कौन, नेताजी सत्ताधारी दल के नेता है। और सत्ताधारी दल के नेता तो नेता ही होते हैं ,वह सियाह करें या सफेद सब सफेद ही कहलाता है।
