साहित्य हमें संवेदनशील और समाज के प्रति जिम्मेदारियों की समझ बढ़ाता हैः डाॅ. ललित नारायण मिश्र
हरिद्वार, 30 नवम्बर पवित्र गंगा तट पर बसे साहित्य, अध्यात्म और संस्कृति के संगम स्थल हरिद्वार में रविवार को एक ऐतिहासिक क्षण रचा गया, जब प्रेस क्लब हरिद्वार के सभागार में अंग्रेजी उपन्यास “द ब्रोकन फ्लेम” का भव्य विमोचन समारोह अत्यंत गरिमामय वातावरण में आयोजित किया गया। यह उपन्यास हरिद्वार की साहित्यिक दुनिया से जुडे़ लेखक लोकेश भारद्वाज द्वारा लिखा गया है। समारोह में अनेक माननीय अतिथियों की उपस्थिति ने इसे अविस्मरणीय बना दिया।
समारोह की शुरुआत परंपरागत रूप से दीप प्रज्वलन और सरस्वती वंदना के साथ हुई। मंच पर उपस्थित अतिथियों का पुष्पगुच्छ और अंगवस्त्र भेंटकर स्वागत किया गया। सभागार में मौजूद साहित्य प्रेमियों, पत्रकारों, सामाजिक कार्यकर्ताओं और विभिन्न संस्थाओं के प्रतिनिधियों ने उपन्यास विमोचन के इस ऐतिहासिक क्षण का साक्षी बनकर माहौल को साहित्यिक रंगों से ओत-प्रोत कर दिया।

समारोह के मुख्य अतिथि डॉ. ललित नारायण मिश्रा (मुख्य विकास अधिकारी, हरिद्वार) ने कहा कि साहित्य किसी भी समाज के विकास की आधारशिला है। उन्होंने कहा कि आज की युवा पीढ़ी को साहित्य की ओर अग्रसर होना चाहिए, क्योंकि साहित्य हमें संवेदनशील बनाता है और समाज के प्रति जिम्मेदारियों की समझ बढ़ाता है। उन्होंने “द ब्रोकन फ्लेम” की विषयवस्तु की सराहना करते हुए कहा कि यह उपन्यास मानवीय रिश्तों की जटिलताओं और मनोवैज्ञानिक पहलुओं को गहराई से उद्घाटित करता है।
उन्होंने लेखक को शुभकामनाएँ देते हुए साहित्यिक गतिविधियों को निरंतर आगे बढ़ाने का आग्रह किया। कार्यक्रम की अध्यक्षता ने की। उन्होंने अपने उद्बोधन में कहा कि हरिद्वार केवल धर्म का केंद्र नहीं बल्कि साहित्य, दर्शन और चिंतन की भी पवित्र भूमि है। उन्होंने कहा कि “साहित्य मनुष्य की सबसे बडी शक्ति है। यह समाज को दिशा देता है और व्यक्ति को भीतर से परिष्कृत करता है। ‘द ब्रोकन फ्लेम’ जैसी कृतियाँ नई पीढघ्ी को भावनात्मक और बौद्धिक स्तर पर जोडघ्ने का कार्य करती हैं।” उन्होंने लेखक लोकेश भारद्वाज जी के लेखन कौशल की सराहना की और कहा कि ऐसे आयोजन समाज को विचारों की नई ऊर्जा प्रदान करते हैं।

समारोह की मुख्य वक्ता दिल्ली से पधारी वरिष्ठ पत्रकार श्रीमती नन्दिता कुमार रहीं। उन्होंने अपने वक्तव्य में साहित्य की भूमिका, मीडिया और समाज के परस्पर संबंधों पर विस्तार से प्रकाश डाला। उन्होंने कहा कि “द ब्रोकन फ्लेम आधुनिक समाज के बदलते रिश्तों, टूटते विश्वास और पुनः उभरती मानवीय आशा का एक संवेदनशील चित्रण है।” उन्होंने उपन्यास की पूरी कथावस्तु को संक्षिप्त में रखते हुए लेखक की लेखन शैली को सूक्ष्म, भावनात्मक और आकर्षक बताते हुए उपन्यास को समकालीन साहित्य में एक महत्वपूर्ण योगदान बताया।
समारोह में अपनी विशेष उपस्थिति दर्ज कराते हुए अति विशिष्ट अतिथि अभय प्रताप सिंह जी (एस.पी. सिटी, हरिद्वार) ने कहा कि साहित्य समाज को सकारात्मक दिशा देता है। उन्होंने कहा कि “हमारी व्यस्त और तनावपूर्ण जीवन शैली में साहित्य ही वह माध्यम है जो मानसिक संतुलन और भावनात्मक मजबूती प्रदान करता है। उन्होंने इस उपन्यास के माध्यम से समाज में बेहतर संदेश प्रसारित होने की आशा व्यक्त की।

कार्यक्रम की अध्यक्षता करते हुए धर्मेन्द्र चैधरी (अध्यक्ष प्रेस क्लब हरिद्वार) ने कहा कि प्रेस क्लब हमेशा से साहित्यिक और रचनात्मक गतिविधियों को मंच प्रदान करता आया है और भविष्य में भी ऐसे आयोजनों को प्रोत्साहन देता रहेगा। उन्होंने कहा कि “प्रेस क्लब न केवल पत्रकारों का मंच है बल्कि यह समाज के हर रचनात्मक वर्ग के लिए एक खुला मंच है। साहित्य, संस्कृति और विचारों के इस महोत्सव ने हरिद्वार के साहित्यिक इतिहास में एक नया अध्याय जोड़ दिया। उन्होंने कहा कि “द ब्रोकन फ्लेम” का यह विमोचन समारोह न केवल एक पुस्तक का लोकार्पण था, बल्कि साहित्यिक चेतना का एक प्रज्ज्वलित दीपक भी, जो समाज को नई सोच और दिशा प्रदान करता रहेगा।
कार्यक्रम के आयोजक बालकृष्ण शास्त्री ने सभी अतिथियों और उपस्थित जनसमूह का हृदय से धन्यवाद व्यक्त किया। उपन्यास के लेंखक लोकेश भारद्वाज ने कहा कि “‘द ब्रोकन फ्लेम’ मेरे अनुभवों, संवेदनाओं और समाज के बदलते स्वरूप को समझने की एक लंबी यात्रा का परिणाम है।
