हरिद्वार
अंकिता मर्डर केश में दुष्यंत गौतम का नाम आ जाने के बाद इस प्रकरण की जांच राज्य सरकार कब तक कराती है। यह कह पाना मुश्किल है, हरिद्वार के ज्वालापुर विधानसभा से बीजेपी के एक बार विधायक रह चुके सुरेश राठौड़ के ऊपर एक महिला उर्मिला ने आरोप लगाया है कि वे सुरेश राठौर की पत्नी है। जबकि सुरेश राठौड़ इन बातों से इनकार करते हैं। यह प्रकरण काफी लंबे समय से चल रहा है। सुरेश राठौड़ शादीशुदा है। उनके बच्चे भी हैं ।लेकिन यह महिला जो अपने आप को फिल्म एक्टर भी बताती हैं और मुंबई में रहने की बात करती हैं इनका कहना है कि इन्होंने राठौड़ से विवाह किया है। लेकिन अब सुरेश राठौड़ और उनके बीच काफी खटपट और इन दोनों की लड़ाई सड़कों पर आ गई है।

अंकिता हत्याकांड की परतें भी खुलने लगी है।गट्टू नाम के नेता जी पर आरोप लग रहे है।ये गट्टू कोई और नही दुष्यंत गौतम बताये जाते है।आरोप है की अंकिता ने दुष्यंत गौतम के साथ हमबिस्तर होने के लिए मना कर दिया था।

इस लड़ाई में उत्तराखंड का सबसे चर्चित अंकिता भंडारी मर्डर केस भी बीच में आ गया है। अंकिता भंडारी केस में अब एक नाम बीजेपी के वरिष्ठ नेता व उत्तराखंड के प्रभारी दुष्यंत गौतम का भी आया है। दुष्यंत गौतम का नाम आने से उत्तराखंड की राजनीति में एक तरीके से भूचाल आ गया है। उत्तराखंड की महिलाएं दुष्यंत गौतम के पुतले फूंक रही हैं। उत्तराखंड प्रदेश कांग्रेस के अध्यक्ष ने इस प्रकरण की सीबीआई जांच की मांग की है ।तमाम महिला मोर्चे की महिलाओं ने दुष्यंत गौतम की गिरफ्तारी की मांग की है। राज्य के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी से मामले की निष्पक्ष जांच कराने की मांग हो रही है।

अंकिता हत्या कांड में संघ से जुड़े एक वी आई पी का नाम तो उसकी मौत के समय भी उछला था।
यह मामला उस समय भी सुर्खियों में आया था जब अंकित भंडारी की हत्या हुई थी। यह हत्या बीजेपी के ही एक दर्जाधारी मंत्री के पुत्र के रिसोर्ट के समीप नहर में डुबो कर की गई थी या अंकिता खुद डूब गई थी। इस रिसोर्ट के बारे में चर्चा यह थी ,के यहाँ लड़कियों को सत्ताधारी दल के कुछ असरदार नेताओं को सप्लाई किया जाता है ।जिस समय अंकिता भंडारी की हत्या हुई थी। उस समय भी संघ के एक युवा और असरदार पदाधिकारी का नाम इस अंकिता भंडारी मर्डर केस में उछला था। लेकिन उस समय इस मामले को रफा दफा कर संघ के इस पदाधिकारी को बचा लिया गया था।

लेकिन अब तो खुलकर बीजेपी के वरिष्ठ नेता व उत्तराखंड के प्रभारी दुष्यंत गौतम के ऊपर उंगलियां उठ रही है। अब ऐसे में जब कांग्रेस जब सीबीआई जांच की मांग कर रही है ।और तमाम उत्तराखंड की महिलाएं अंकिता भंडारी के हत्यारो को शीघ्र गिरफ्तार कर अंकिता भंडारी को न्याय दिलाने की बात कर रही हैं ।ऐसे में राज्य के मुख्यमंत्री के लिए यह प्रकरण बैठे-बैठाए गले की फ़ांस बनता जा रहा है। देखना यह है कि अब मुख्यमंत्री इस प्रकरण को लेकर क्या निर्णय लेते हैं ।क्या वे इस मामले की सीबीआई जांच के लिए सिफारिश करते हैं। या इस प्रकार के थोड़े दिनों में ठंडा हो जाने की प्रतीक्षा करते हैं।
