हरिद्वार । शिकायत करने के बावजूद नहीं होती है ठोस कार्यवाही, जिला पूर्ति कार्यालय व गोदाम पर राशन माफिया और राशन दुकानदारो के नेताओं का है एक छत्र राज, इनकी तिगड़ी हजम कर जाती है सारा माल ,विगत माह पकड़ा जा चुका है,हरिद्वार जिला पूर्ति अधिकारी ₹50000 की रिश्वत लेते हुए उसके बावजूद नहीं थम रहा है राशन की कालाबाजारी और रिश्वतखोरी का धंधा ।
नए जिला पूर्ति अधिकारी का नही हुआ स्वागत।
हाल ही में आए जिला पूर्ति अधिकारी मुकेश पाल का स्वागत करने ना तो कोई राशन माफिया सप्लाई दफ्तर पहुंचा और ना ही राशन विक्रेताओं के नेता जी माला व गुलदस्ता लेकर नए जिला पूर्ति अधिकारी का स्वागत करने पहुंचे हैं ,लेकिन दुकानों से माल धड़कने से बेचा जा रहा है, अब माल की सप्लाई मोटरसाइकिलो पर सुबह 7 बजे से शुरू हो जाती है और यह कारोबार देर रात तक चलता रहता है, और यह मोटरसाइकिल वाले इन राशन माफियाओं के बताए हुए स्थान पर गेहूं और चावल पहुंचा देते हैं ।और अपना कमीशन ले लेते हैं, ज्यादा शिकायतें करने पर राशन माफिया और राशन विक्रेताओं के नेताजी साफ-साफ कहते हैं कि चाहे कुछ कर लो हमारा कोई बाल बांका नहीं कर सकता क्योंकि हमारी ऊपर तक सेटिंग है ,और लगता भी है की शायद यह सेटिंग ऊपर तक है।
ऊपर है कौन जिससे इन माफियाओं की सेटिंग है।विभाग की मंत्री तो रेखा आर्य है जो काफी ईमानदार है, उनके पास तो बिजली का बिल देने तक के पैसे नही है।
ऊपर है कौन जिससे इनकी सेटिंग है, क्योंकि इस विभाग की मंत्री तो रेखा आर्य जी हैं और रेखा आर्य जी आए दिन कोई ना कोई स्टेटमेंट राशन की कालाबाजारी को रोकने के लिए देती रहती है, और प्रयास भी करती है की कालाबाजारी रूक जाये, तो फिर और कौन है जो ऊपर है, अब देखना यह है की नये जिला पूर्ति अधिकारी इस राशन की कालाबाजारी को रोकने के कुछ प्रयास कर पाते हैं या नहीं ,क्योंकि इस समय राशन की कालाबाजारी के सबसे बड़े डॉन योगी और चंदू ने एक नया डॉन पैदा कर दिया है, जिसका नाम गगन है और यह गगन कभी अपनी विष्णु गार्डन की दुकान नहीं खोलता है, ना उपभोक्ताओं को राशन देता है।
गगन दारू वाले राशन इंसपेक्टर का यार है , दोनों ही मिलकर माल डकार रहे है।
इस गगन का यार दारू वाला राशन का इंस्पेक्टर है, यह दारू वाला राशन का इंस्पेक्टर और गगन मिलकर कारोबार करते हैं। और गगन ही सारे दुकानदारों से महीना वसूल कर दारू वाले इंस्पेक्टर तक पहुंचाता है और कुछ अपना हिस्सा भी इसमें से रख लेता है ,गगन की दुकान किसी समय भी चले जाओ आपको हमेशा बंद ही मिलेगी।
गगन कॉंग्रेस का नेता है, और चुनाव लड़ने के लिए पैसे एकत्र कर रहा है।
गगन साहब कांग्रेस के बहुत बड़े नेता हो गए हैं ,आने वाले विधानसभा चुनाव में चुनाव लड़ने की भी तैयारी कर रहे हैं, अब चुनाव अगर विधानसभा का लड़ना है ,हरिद्वार से तो करोड़ों रुपए चाहिए इसलिए करोड़ों रुपए वह एकत्र करते घूम रहे हैं हालांकि अभी बीच में जब इन गगन नेताजी पर ज्यादा दबाव पड़ा था तो यह बीजेपी की तरफ रूख कर गए थे, लेकिन बीजेपी में कोई तवज्जो न मिलने के कारण यह पुन्ह कांग्रेस में लौट आये, और अब चुनाव लड़ने की तैयारी कर रहे हैं ।इसीलिए राशन की कालाबाजारी कर करोड़ों रुपए एकत्र करने में जुटे हुए हैं। राशन की दुकान के बराबर में जनरल स्टोर की दुकान है।
गगन साहब की वहां अपने पिताजी को पीछे बैठा देते हैं अगर कोई दुकान चैक करने वाला आता है, तो उसको उनके पिताजी बहुत बढ़िया तरीके से डील कर लेते हैं। दुकान चैक करने आने वाले की जेब में गांधी जी के चित्र सरकार कर उसको चलता कर देते हैं। कारोबार इनका रुकने वाला है नहीं दिन से भाई लगा लेता है ,और अगर ज्यादा कोई कहता है कि भाई राशन कभी-कभी तो किसी को दे दिया करो ,तो साफ-साफ उसका कहना है की मेरा कोई कुछ नहीं बिगाड़ सकता मेरे संबंध ऊपर तक है।
अब यह ऊपर का मैटर समझ नहीं आ रहा ।इसलिए हम तो खाद्य मंत्री रेखा आर्य जी से ही अनुरोध करेंगे कि मैडम आप इस खाद्य आपूर्ति विभाग की मंत्री हैं आप इस विभाग को सुधारना चाहती हैं ,ऐसा आप आए दिनों कहती भी रहती हैं ।तो अगर आप हरिद्वार को सुधार दें तो लोग आपके बड़े आभारी होंगे, और इन राशन माफियाओं के मुंह पर भी टेप लग जाएगी जो यह जगह-जगह कहते फिरते हैं कि हमारी तो ऊपर तक सेटिंग है।
पिछले दिनो कुमाऊं से एक ऑडियो वायरल हो रही थी।जो राशन विक्रेताओं के पूरे उत्तराखंड के नेता जी की बताई गई थी , नेता जी कुमाऊं के एक राशन विक्रेता से 25 लख रुपए मांग रहे थे कि तुरंत एकत्र करके पहुंचा दो अन्यथा जितने पैसे आएंगे उतनो का ही वेरीफिकेशन होगा ।उससे ज्यादा का नहीं होगा उन नेताजी का भी कुछ नहीं हुआ, हरिद्वार में भी सबको मालूम है योगी डॉन का और चंदू व गगन का लेकिन इन तीनों का आज तक कोई कुछ नहीं कर पाया मजे से मूंछों पर ताव देकर गरीबों के पेट पर लात मार कर उनका राशन ब्लैक मार्केट में बेच देते हैं और उस पैसे में से सप्लाई दफ्तर को व गोदाम के कुछ कर्मचारियों को भी हिस्सा दे दिया जाता है ।और काम धडल्ले से चलता रहता है।
योगी डॉन तो विगत 30 वर्षों में इसी धंधे से करोड़ों के वारे न्यारे कर चुका है।
योगी तो पिछले 30 साल से इसी काम में लगा हुआ है करोड़ों के बारे में कर चुका है लेकिन आज तक इसका कोई कुछ नहीं बिगाड़ सका और शायद इसका कोई कुछ बिगाड़ भी ना पाए चाहे आप D M से कहें चाहे आप C M से कहें और चाहे आप पी एम से कहे यह तो बा दस्तूर अपने कार्य में लगे रहेंगे, और इसी तरह गरीब के पेट पर लात मार कर गरीब के हिस्से का राशन फ्लोर मिल पर पहुंचाते रहेंगे।
हरिद्वार के इन राशन दुकानदारों की स्थिति इतनी बत्तर हो चुकी है की जिनकी दुकान पर विकलांगों लंगड़े लूल्हो को राशन देने के लिए दुकान हैं यह दुकानदार उन लंगड़े लुल्हो को भी राशन नहीं देते हैं ,और उनके नाम का भी माल खुद ही डकार जाते हैं। इससे ज्यादा निर्लज्जता और क्या हो सकती है।
