हरिद्वार । करीब 50 करोड रुपए की इस संपत्ति का मालिकाना हक नगर निगम हरिद्वार का है, लेकिन इस भूमि पर क्षेत्र के ही कुछ लोगों ने जबरन कब्जा कर रखा है । नगर निगम कब तक इस कब्जे से भूमि को मुक्त कराएगा यह देखना है, हरिद्वार में जहां-तहां खाली पड़ी जमीनों पर भूमाफियाओं व खददरधारियों की ऐसी निगाह लगी रहती है, कि वह धीरे-धीरे खाली पड़े भूखंडों पर कभी दीवार करना शुरू करेंगे फिर टीन शेड डालेंगे फिर एक दो कर्मचारियों को झोपड़ी डालकर उसमें रखवाना शुरू कर देंगे। और बस हो गया कब्जा, ज्यादा कोई शोर शराबा मचा तो आपस में ही एक दूसरे के खिलाफ न्यायालय में जाकर फर्जी मुकदमे बाजी शुरू कर देंगे, जिससे मामला कोर्ट का कहकर न्यायालय में चलता रहे।

एस डी एम पूरन सिंह राणा के आदेश भी है बेकार।
इसी तरीके का एक मुकदमा भीमगोड़ा क्षेत्र में है ,इस भूखंड पर बाकायदा 2023 में एसडीएम पूरन सिंह राणा ने अपनी रिपोर्ट में साफ-साफ लिखा है कि यह भूखंड नगर निगम का स्वामित्व का है, लेकिन नगर निगम ने आज तक इस भूखंड पर अपना कब्जा नहीं लिया है ।अब कब्जा क्यों नहीं लिया है ,यह तो नगर निगम के अधिकारी जानते होंगे, मामला करोडो की भूमि का है ,इसलिए एक नेताजी भी इसमें दिलचस्पी दिखाने लगे हैं ,लेकिन पूरन सिंह राणा एसडीएम की रिपोर्ट तो यही कह रही है की नगर निगम को इसका कब्जा ले लेना चाहिए और नगर निगम के वर्तमान आयुक्त महोदय को हमारी सलाह है ,कि वह करीब 50 करोड़ से अधिक के इस 5 हजार मीटर के भूखंड पर अपना कब्जा लेकर नगर निगम की तरफ से कोई ऐसा कार्य भूखंड में कराए जो क्षेत्र के लोगों के उपयोग में आ सके, ना की कब्जे धारी लोगो की यह मिल्कियत बन जाए।

