-हिमांशु द्विवेदी
राष्ट्रीय खेल के लिए भेल क्षेत्र में लगाए गए चौराहों पर लगे गमले जो कि एचआरडीए लगाए थे उनके स्टीकर भेल के संपदा विभाग ने हटवा दिया।

भेल का कहना है कि एच आर डी ए जबरन आधिपत्य जमाना चाहता है जो कि बर्दाश्त नहीं इसीलिए स्टीकर विद्युत विभाग के मिस्टर पांडे ने हटवाए हैं। भेल खामखा वाहवाही लूटने के प्रयास में भेल के मध्य मार्ग पर लगे गमलों से स्टीकर हटाकर बेवजह की ख्याति का लेना चाह रहा है जबकि भेल का इस राष्ट्रीय खेल में कोई योगदान नहीं है।

उत्तराखंड को राष्ट्रीय खेल की मेजबानी का दायित्व मिला है, यह हम सब प्रदेशवासियों के लिए गर्व की बात है और सभी विभाग भरसक प्रयास कर रहे हैं कि किसी प्रकार की कोई कमी ना रह जाए व यहां से खिलाड़ी अच्छा संदेश लेकर जाएं और जो भी वी आई पी आ रहे हैं। उनको भी अच्छा लगे उसी के तहत मध्य मार्ग भेल का मार्ग पीडब्ल्यूडी द्वारा बनवाया गया और चौराहों पर एचआरडी ए द्वारा सौंदर्य करण के लिए गमले लगाकर पौधे लगाए गए। जिन पर एचआरडी ए सटीकर लगे हुए हैं।
लेकिन भेल को यह गवारा नहीं कि उनकी भूमि पर कोई गमले लगाएं और उस पर वह अपना विभाग का नाम लिखें जबकि सारा खर्चा स्टेट गवर्नमेंट का हो रहा है लेकिन भेल को यह मंजूर नहीं इसलिए उसने जानबूझ कर गमलों जिन पर एचआरडी ए के स्टीकर लगे थे उन्हे हटाना शुरू कर दिए सेक्टर 1 चौराहे पर भेल के सविदा कर्मचारी द्वारा स्टीकर हटाते हुए वीडियो पत्रकार द्वारा बनाया गया और जब भेल के जनसंपर्क विभाग से संपर्क साधा गया तो उनके जवाब से पत्रकार संतुष्ट नहीं हुआ।
पत्रकार ने पूछा कि राष्ट्रीय खेल में भेल का क्या योगदान है यह बताएं तो वह चुप्पी साध गए।