हरिद्वार। 200 लाख करोड़ से अधिक की उत्तर प्रदेश सिंचाई विभाग की बैरागी कैम्प स्थित जमीन की बंदर बांट विभागीय अधिकारियों की मिली भगत से शुरू, ₹100 के स्टांप पर चल रही है जमीन की खरीद फ़रोख़्त। इस खरीद फरोख्त में उत्तर प्रदेश सिंचाई विभाग के कुछ अधिकारी व कर्मचारियों की भी मिली भगत है ,उत्तर प्रदेश सिंचाई विभाग की बैरागी कैंप स्थित भूमि पर कई साधु सन्तो व जरायम पेशेवरों के साथ ही तमाम संस्थाओं ने कब्जे कर लिए हैं ।पता यह भी चला है की यह कब्जे यूं ही नहीं हो गए हैं, इन कब्जो को कराने में उत्तर प्रदेश सिंचाई विभाग के कई कर्मचारियों की महत्वपूर्ण भूमिका है, कम से कम 5 से 6 हजार रु फिट की यह बेशकीमती जमीन तीन से ₹4 हजार फुट में ₹100 के स्टांप पर बेची और खरीदी जा रही है । इस बात की पूरी जानकारी उत्तर प्रदेश सिंचाई विभाग के कर्मचारीयो व अधिकारियों को है ।

योगी जी उत्तर प्रदेश सिचाई विभाग की इस बेशकीमती भूमि को बचा लो,अन्यथा यह पूरी जमीन सिचाई विभाग के अधिकारियों की मिलीभगत से ठिकाने लगा दी जाएगी।
इस जमीन को बचाने के लिए कोई प्रयास यह अधिकारी नहीं कर रहे हैं ,कारण इसके पीछे यह है कि इन अधिकारियों और कर्मचारियों की भी मिली भगत इस जमीन की लूटपाट में शामिल है ,इस जमीन के जरिए यह कर्मचारी और अधिकारी करोड़ों के वारे न्यारे कर रहे हैं। और कार्यवाही के नाम पर इन कब्जा धारीयो को एक नोटिस या मुकदमा कायम करने की कार्यवाही कर दी जाती है। यह मुकदमे भी 10 , 10साल से उन लोगों के विरुद्ध चल रहे हैं, जिन लोगों ने बाकायदा जमीनों पर कब्जे किये हैं, और यही नहीं आगे भी यह जमीने ₹100 के स्टांप पर बेची जा रही है।
योगी जी अरबो की नही खरबों की इस भूमि को बचा लो।

उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ भले ही यह ढ़िढोरा पीटते रहे , की वह भ्रष्टाचार को किसी भी कीमत पर बर्दाश्त नहीं करेंगे ,लेकिन हरिद्वार की यह बेस कीमती भूमि बचाने में वह भी असमर्थ दिखाई दे रहे हैं ,इस जमीन को बाकायदा उत्तर प्रदेश सिंचाई विभाग के अधिकारियों और कर्मचारियों की मिली भगत से ही बेचा जा रहा है ।बताया जाता है कि इस जमीन पर कब्जा कराने में उत्तर प्रदेश सिंचाई विभाग का एक अधिशासी अभियंता काफी दिलचस्पी दिखाता है ।और यह अभियंता बैरागी कैंप की इस जमीन से अब तक करोड़ों के वारे न्यारे कर चुका है, लेकिन उत्तर प्रदेश सिंचाई विभाग को भी जानकारी होने के बावजूद इस अभियंता का रुतबा इतना जबरदस्त है, कि इसका कोई कुछ नहीं बिगाड़ पा रहा है ,उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री को चाहिए कि वह उत्तर प्रदेश सिंचाई विभाग की इस खरबो रुपए की जमीन को बचाने का कार्य करें।
