हरिद्वार । दो बार निलंबित रह चुका श्याम आर्य , किसी भी मंत्री का रिश्तेदार नही है, राशन माफियाओं के साथ मिलकर कर रहा था कमाई।
हरिद्वार का जिला पूर्ति अधिकारी श्याम आर्य जो भ्रष्टाचार में आकण्ठ डूबे होने के आरोपों में दो बार निलंबित भी रह चुका है, एक बार उधम सिंह नगर से और एक बार पिथौरागढ़ से इसकी दो वेतन वृद्धि भी रोकी जा चुकी है, व विभाग द्वारा एडवर्स एंट्री भी इसको को मिली हुई है। उसके बावजूद हरिद्वार जैसे प्रमुख जिले का जिला पूर्ति अधिकारी बन जाने के बाद श्याम आर्य तो मानो विभाग के शहंशाह ही बन गए थे। बताया यह भी जाता है कांग्रेस के टाइम में महोदय यशपाल आर्य को अपना रिश्तेदार बताया करते थे, और अब बीजेपी के टाइम में रेखा आर्य कैबिनेट मंत्री को अपना रिश्तेदार बताकर अपने सहायकों व राशन विक्रेताओं पर रोब गालिब किया करते थे, लेकिन इस श्याम आर्य की किसी भी मंत्री से दूर तक की रिश्तेदारी नही है।
लक्सर के एक राशन डीलर की शिकायत पर पकड़ा गया श्याम आर्य
लक्सर के एक राशन डीलर से ₹50000 की रिश्वत लेते हुए इस भृष्ट डी एस ओ को विजिलेंस टीम ने रंगे हाथ पकड़ लिया। और यह कार्यवाही जिला पूर्ति कार्यालय हरिद्वार के अंदर ही हुई। इनके साथ इनका एक सहायक भी धरा गया है, जब से श्याम आर्य हरिद्वार आया था जनपद के तमाम राशन माफियाओं और राशन की कालाबाजारी करने वालो की मौज आ गई थी,राशन माफियाओं ने श्याम आर्य को उनके दफ्तर में जाकर मालाएं पहनाकर और पुष्प गुच्छ देकर उनका स्वागत किया था। बाकायदा फोटो खिंचवाई थी और इन फोटो को अखबारों तक में छपवाया गया था, इन फोटो को देख लोग हैरान रह गए थे, कि यह राशन माफिया जो श्याम आर्य का स्वागत खुद कर रहे हैं तो फिर आब इन्हें राशन की कालाबाजारी करने से कौन रोकेगा।

गरीबों को मिलने वाले राशन पर माफियाओं व जिलापूर्ति कार्यालय के साथ ही कुछ गोदाम वालो की तिकड़ी में हो जाता है बटवारा
गरीबों के लिए सस्ते दामों में मिलने वाला केंद्र व राज्य सरकार का राशन इन गरीबों के पेट में ना जाकर राशन दफ्तर के साहब व राशन माफिया के साथ ही राशन गोदाम के कुछ कर्मचारियों के पेट में जाता है। और गरीब अपने को ठगा सा महसूस करता है
नेता जी ही जिलापूर्ति अधिकारी बने हुए थे,राशन विक्रेताओं से समय समय पर नोट एकत्र कराना इनका मुख्य कारोबार बन गया था।
राशन माफियाओं के साथ- ही राशन विक्रेताओं के नेताजी भी उस समय से चर्चा में आए जब पिछले जिला पूर्ति अधिकारी का स्थानांतरण हरिद्वार से कर दिया गया, उसके बाद तो नेताजी की ऐसी धाक जमी के सारे राशन विक्रेता नेताजी के आगे थर-थर काँपने लगे, और नेताजी ने भी इसका जमकर फायदा उठाया, हर राशन विक्रेता को ऐलान कर दिया गया के प्रति कार्ड ₹15 लिया जाएगा, तभी राशन विक्रेताओं का कमीशन जो सरकार से मिलता है वह दिलवाया जाएगा, मरता क्या ना करता राशन विक्रेताओं ने भी पैसे बांटने शुरू कर दिए ₹15 कार्ड के हिसाब से चंदू नाम का एक नटवरलाल व कनखल में गगन को जिम्मेदारी सौंपी गई और नेताजी तो पूरे जिले का दौरा कर ही रहे थे, लाखों रुपए रोज के वारे न्यारे चल रहे थे। इन सब चीजों की जानकारी विजिलेंस टीम को मिल रही थी।

राशन की दुकानों की शिफ्टिंग में भी थी मोटी कमाई,
एक दुकान से दूसरी दुकान पर शिफ्ट कर देना दूसरी दुकान से तीसरी दुकान को शिफ्ट कर देना शिफ्ट की गई दुकान को फिर वापस कर देना इस काम के लिए भी 50000 से ₹100000 तक श्याम आर्य व उनकी टीम लिया करती थी, और मजबूरन राशन विक्रेताओं को यह रकम श्याम आर्य को देनी पड़ती थी, अभी हाल ही में एक तेल बेचने वाले को पकड़ा गया था उसको किसी ऊपरी दबाव के चलते छोड़ तो दिया गया, लेकिन साहब भी पूरे घाग हैं, अपना हिस्सा लेने से बाज नहीं आए ।और अपना हिस्सा लेकर ही रहे, तेल वाले ने भी ले देकर पीछा छुड़ाने में भलाई समझी और मामला निमट गया।
लक्सर वाले डीलर ने भी परेशान होकर ली विजिलेंस की शरण,और साहब दबोच लिए गए।
लक्सर वाले राशन विक्रेता ने श्याम आर्य को 50000 की रिश्वत देते हुए गिरफ्तार करवाया है, वह राशन विक्रेता भी साहब से काफी समय से परेशान चल रहा था, किसी ने फिर उसको विजिलेंस टीम देहरादून का रास्ता दिखाया, और बताया कि भाई अगर इससे पिंड छुड़ाना है तो एक रास्ता यही है कि विजिलेंस वालों से संपर्क करो और उस राशन विक्रेता ने विजिलेंस वालों से संपर्क किया विजिलेंस वाली टीम ने बाकायदा जाल बिछाकर श्याम आर्य को नकद रिश्वत लेते हुए व श्याम आर्य के एक सहायक को गिरफ्तार कर लिया। करीब 10 घंटे तक जिला पूर्ति कार्यालय हरिद्वार में ही इन दोनों से विजिलेंस टीम ने पूछताछ की और सभी कागजातों को भी बारीकी से खंगाला।

राशन माफ़िया हो गए भूमिगत कोई नेता भी नही दिया दिखाई।
इस बीच शहर में अफवाह फैलते ही के डीएसओ साहब पकड़े गए हैं 50000 की रिश्वत लेते हुए ,कई राशन माफिया भूमिगत हो गए, उन्हें यह डर सताने लगा कहीं विजिलेंस टीम हमारे ऊपर कोई कार्रवाई शुरू न कर दे , श्याम आर्य कि अभी भी दो जांच शासन में चल रही है लेकिन इन जांचों के चलते हुए भी श्याम आर्य हरिद्वार जैसे प्रमुख जनपद का डीएसओ बनने में कामयाब हो गए थे। और आते ही उन्होंने अपने रंग ढ़ंग दिखाने शुरू कर दिए थे।

डी एस ओ की करतूतों की सूचनाएं लगातार विजिलेंस विभाग को व खाद्य विभाग को मिल रही थी की साहब ने आते ही राशन माफियाओं से सम्बंध बना लिए है।
श्याम लाल जब से हरिद्वार आए थे तभी से उनके बारे में सूचनाये विजिलेंस टीम को व खाद्य विभाग को प्राप्त हो रही थी की इन्होंने आते ही हरिद्वार के राशन माफियाओं से संपर्क बना लिए हैं। और राशन माफियाओं के जरिए तो यह अपना कारोबार करते ही करते हैं साथ ही एक दारू वाले अपने असिस्टेंट को तो इन्होंने फुल फ्लेश बना दिया था। लेकिन दारू वाले असिस्टेंट इस बार तो बच गए, लेकिन बकरे की मां कब तक खैर मनाएगी ,कभी ना कभी तो जो उनके कारनामे हैं जिस तरीके के हैं, वह भी जाल में फसेंगे।

डी एस ओ के रिश्वत लेते पकड़े जाने के बाद कोई चाटुकार पैरोकार नजर नही आया,अब दूसरे अड्डे का रहेगा सहारा।
कल जिला पूर्ति अधिकारी के रिश्वत लेते हुए पकड़े जाने के बाद ना तो कोई राशन माफिया और ना नेताजी जिला पूर्ति कार्यालय की तरफ फटके अब यह गुणा भाग किया जा रहा है। कि भविष्य में इस मोटे मुनाफे के कारोबार को कैसे अंजाम दिया जाएगा। क्योंकि कुछ दिनों के लिए जिला पूर्ति कार्यालय से तो यह धंधा होने से रहा। अब तो दूसरा अड्डा ही उनके लिए कारगर साबित होगा, दूसरे अड्डे के डिप्टी 2 करोड रुपए का टारगेट लेकर आए हैं, और टारगेट को पूरा करने के लिए बहुत तेजी से काम कर रहे हैं ,इस दूसरे अड्डे पर ही यह राशन माफिया और नेताजी सुबह पहुंच जाते हैं और दूसरे अड्डे के कर्मचारियों से इन लोगों की खास पटती है, क्योंकि अड्डे के कर्मचारी व राशन माफियाओं और नेताजी की तिकड़ी ही तो माल कमा रही है। क्योंकि 2 करोड रुपए का टारगेट जो पूरा करना है।

ईमानदार अध्यक्ष नरेन्द्र शर्मा,30 साल से चुनाव नही कराए।
