उत्तराखंड के लोकपर्व हरेला के अवसर पर 16 जुलाई को हरिद्वार जनपद में 30 हजार पौधों के रोपण का लक्ष्य निर्धारित किया गया है। अभियान की तैयारियों को लेकर जिलाधिकारी मयूर दीक्षित ने जिला कार्यालय सभागार में समीक्षा बैठक कर सभी विभागों को समयबद्ध तैयारियां पूरी करने के निर्देश दिए हैं।

जिलाधिकारी ने कहा कि हरेला केवल एक पर्व नहीं, बल्कि पर्यावरण संरक्षण और हरित भविष्य का संकल्प है। उन्होंने निर्देश दिए कि 10 जुलाई तक गड्ढों की खुदाई, पौधों की उपलब्धता, जैविक खाद, सिंचाई, ट्री-गार्ड तथा परिवहन की सभी व्यवस्थाएं पूरी कर ली जाएं। 11 से 15 जुलाई के बीच सभी स्थलों का निरीक्षण और सत्यापन किया जाएगा।
जिलाधिकारी के अनुसार पौधारोपण के लिए शासकीय कार्यालय, विद्यालय, अस्पताल, पार्क, सड़क किनारे, नदी-नालों के तट, सामुदायिक एवं सरकारी खाली भूमि को प्राथमिकता दी जाएगी। प्रत्येक स्थल की जियो-टैगिंग कर पौधों की संख्या और जिम्मेदार अधिकारियों का रिकॉर्ड तैयार किया जाएगा।
जिलाधिकारी, हरिद्वार
जिलाधिकारी ने ‘एक परिवार–दो पौधे’ अभियान चलाकर अधिक से अधिक लोगों को पौधारोपण एवं पौधों के संरक्षण से जोड़ने के निर्देश भी दिए हैं। उन्होंने कहा कि ‘हरित हरिद्वार’ अभियान के तहत स्थानीय एवं फलदार प्रजातियों के पौधों को प्राथमिकता दी जाएगी तथा पौधारोपण के बाद उनकी सुरक्षा, सिंचाई और जीवितता की जिम्मेदारी संबंधित विभागों की होगी।
