बागेश्वर। जनपद में आपदा प्रबंधन, वनाग्नि की रोकथाम और आपातकालीन व्यवस्थाओं को चुस्त-दुरुस्त रखने के उद्देश्य से देर सांय को पुलिस अधीक्षक बागेश्वर, जितेन्द्र मेहरा द्वारा अग्निशमन केंद्र बागेश्वर का औचक निरीक्षण किया गया। इस दौरान उन्होंने फायर स्टेशन की सुरक्षा व्यवस्थाओं, आपदा उपकरणों, सरकारी अभिलेखों और जनशक्ति की मुस्तैदी का गहनता से जायजा लिया।
औचक निरीक्षण के दौरान *स्टेशन इंचार्ज एलएफएम त्रिलोक राम व अग्निशमन केंद्र के सभी अधिकारी और कर्मचारी ड्यूटी पर मुस्तैद पाए गए। एसपी द्वारा वॉच रूम व संतरी ड्यूटी, फायर स्टेशन कार्यालय, स्टोर, भोजनालय तथा एमटी कार्यालय का निरीक्षण किया गया निरीक्षण के दौरान ड्युटी में नियुक्त कार्मिको का टर्नआउट व सतर्कता की जांच की गई* एवं ड्युटी सम्बन्धित आवश्यक दिशा-निर्देश दिये गये।

पुलिस अधीक्षक द्वारा स्वयं कर्मचारी बैरक, गैरेज और संपूर्ण फायर स्टेशन परिसर का भ्रमण कर साफ-सफाई की स्थिति देखी गई। इसके साथ ही एफएस कार्यालय, स्टोर एवं एमटी कार्यालय के समस्त महत्वपूर्ण सरकारी रजिस्टरों व अभिलेखों* की गहनता से जांच की गई।
जनपद बागेश्वर में हाल ही में आमद कराने वाले नवनियुक्त अग्निशमन द्वितीय अधिकारी सचिन सेमवाल भी निरीक्षण के दौरान मौजूद रहे। पुलिस अधीक्षक द्वारा उन्हें उनके चल रहे 02 माह के व्यावहारिक प्रशिक्षण के दौरान विभागीय जिम्मेदारियों को अत्यंत गंभीरतापूर्वक समझने पर विशेष जोर दिया गया। उन्होंने उम्मीद व्यक्त की कि नवनियुक्त अधिकारी पूरी निष्ठा, ईमानदारी और उच्च अनुशासन के साथ अपनी ट्रेनिंग पूर्ण कर भविष्य में आपदा प्रबंधन में उत्कृष्ट योगदान देंगे।

निरीक्षण के उपरांत पुलिस अधीक्षक द्वारा उपस्थित सभी अधिकारी व कर्मचारीगणों का एक सम्मेलन लिया गया। सम्मेलन के माध्यम से उन्होंने जवानों से सीधा संवाद स्थापित कर उनकी व्यक्तिगत एवं विभागीय समस्याओं के बारे में पूछा तथा संबंधितों को उनके त्वरित निस्तारण हेतु आवश्यक निर्देश दिए।
पुलिस अधीक्षक ने बागेश्वर फायर सर्विस व आपातकालीन टीम द्वारा क्षेत्र में किए जा रहे रेस्क्यू कार्यों की समीक्षा की गयी । उन्होंने समस्त स्टाफ को सदैव कड़े अनुशासन में रहकर अपने कर्तव्यों का निर्वहन करने की हिदायत दी। साथ ही, आगामी मौसम व आपदा की संभावनाओं को देखते हुए समस्त अग्निशमन एवं जीवन रक्षक रेस्क्यू उपकरणों को ’24×7 सदैव तैयारी की दशा’ में बनाए रखने के कड़े निर्देश जारी किए, ताकि किसी भी आकस्मिक दुर्घटना पर त्वरित रिस्पॉन्स दिया जा सके।
