देहरादून। रायपुर तथा थाना क्लेमेंटाउन पर कूटरचित दस्तावेजों के आधार पर अलग-अलग अभ्यर्थियों द्वारा अपनी सरकार पोर्टल पर स्वतन्त्रता संग्राम सेनानी आश्रित प्रमाण पत्र बनाने हेतु ऑनलाइन आवेदन किये जाने तथा जांच के दौरान उनके द्वारा उपलब्ध कराये गये दस्तावेज फर्जी पाये जाने के सम्बन्ध में प्राप्त तहरीरों के आधार पर थाना रायपुर पर मुकदमा तथा थाना क्लेमेंटाउन पर मुकदमा अलग-अलग अभियोग पंजीकृत किये गये। थाना रायपुर पर पंजीकृत अभियोग में विवेचना के दौरान धारा 3(5) बीएनएस की बढ़ोतरी की गई विवेचना प्रचलित है।
प्रकरण की गम्भीरता के दृष्टिगत सम्पूर्ण प्रकरण की निष्पक्ष जांच एवं गहन परीक्षण हेतु वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक देहरादून द्वारा जया बलोनी, पुलिस अधीक्षक, ग्रामीण -1 के नेतृत्व में एसआईटी का गठन किया गया। एसआईटी टीम द्वारा प्रकरण में संलिप्त अभियुक्तों के विरूद्ध साक्ष्य संकलन की कार्यवाही करते हुए प्रकरण से जुडे सभी दस्तावेजों को कब्जे मे लिया गया। एसआईटी जांच के दौरान उक्त सभी अभ्यर्थियों के दस्तावेजों में अंकित पते गलत पाये गये, जिस पर एसआईटी द्वारा सम्बन्धित शिक्षण संस्थानों में जाकर प्रकरण से जुडे सभी दस्तावेजों को कब्जे में लिया गया, जिनके अवलोकन से उक्त अभ्यर्थियों के मूल पतों की जानकारी प्राप्त हुई।

उक्त प्रकरण में पुलिस द्वारा पूर्व में दिनांक: 21-09-26 को प्रकरण में शामिल 02 अभियुक्तों रूपेश पण्डित तथा अरविन्द कुमार को गिरफ्तार किया गया था तथा अभियुक्त रूपेश की निशानदेही पर उसके मेरठ स्थित घर से फर्जी प्रमाण पत्र बनाने के एवज में लिये गये 08 लाख रूपये बरामद किये गये थे।
प्राप्त जानकारी व विवेचना के दौरान प्रकाश में आये साक्ष्यों के आधार पर एसआईटी द्वारा प्रकरण में संलिप्त एक और अभियुक्त धीरज श्रीवास्तव को मय वाहन संख्या एमपी-04-वाई-0655 (कार टाटा नेक्सॉन) के गिरफ्तार किया गया। अभियुक्त के वाहन की तलाशी के दौरान वाहन से 558100/- रूपये बरामद हुए। उक्त धनराशि के सम्बन्ध में जानकारी करने पर अभियुक्त धीरज कुमार श्रीवास्तव द्वारा बताया गया कि बरामद धनराशि उसे रूपेश पंडित द्वारा फ्रीडम फाइटर कोटे से कुछ छात्रों को एमबीबीएस में एडमिशन दिलाने के एवज में कमीशन के तौर पर दी गई थी।
