RTI के नाम पर ब्लैकमेल! सहायक अभियंता से मांगे 2 लाख, SSP देहरादून से शिकाय
पहले बेरोजगार बताकर मांगी निःशुल्क सूचना, फिर होटल के पास बुलाकर हुई डिमांड का आरोप
देहरादून, 23 अक्टूबर। सूचना के अधिकार को ब्लैकमेलिंग का हथियार बनाने का सनसनीखेज मामला सामने आया है। सिंचाई खण्ड नई टिहरी के अन्तर्गत उपखण्ड धनसाली में तैनात सहायक अभियंता सुरेश पाल ने देहरादून निवासी एक व्यक्ति पर आरटीआई के एवज में दो लाख रुपये मांगने का आरोप लगाया है। इस संबंध में वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक देहरादून को तहरीर देकर जांच और कड़ी कार्रवाई की मांग की गई है।
शिकायत के अनुसार, आशीष शर्मा नाम के व्यक्ति ने सूचना का अधिकार अधिनियम 2005 के तहत उपखण्ड धनसाली से संबंधित समस्त अभिलेखीय सूचनाएं मांगी थीं। आवेदन के अंत में यह लिखा गया था कि उपरोक्त सूचना निःशुल्क देने की कृपा करें क्योंकि मैं अभी बेरोजगार हूं और शुल्क जमा करने में असमर्थ हूं।
सहायक अभियंता सुरेश पाल का कहना है कि बेरोजगारी की बात पर उन्हें संदेह हुआ। गत 25 सितंबर को सुबह करीब साढ़े नौ बजे वह अपने एक साथी के साथ बताए गए पते पर पहुंचे तो वहां बड़ा मकान मिला। तहरीर में आरोप है कि पूछताछ में संबंधित व्यक्ति ने पहले खुद को किसी कंपनी में काम करने वाला बताया, फिर अपना नाम आशीष शर्मा उर्फ भानू बताकर फाइनेंस कंपनी में काम करने की बात कही।
शिकायतकर्ता के मुताबिक, आरटीआई आवेदन पर हस्ताक्षर के बारे में पूछने पर वह चुप रहा। आवेदन पर लिखे मोबाइल नंबर के बारे में पूछने पर उसने बताया कि नंबर किसी दूसरे व्यक्ति के नाम पर है।
सबसे गंभीर आरोप 25 सितंबर की शाम का है। तहरीर के अनुसार, फोन पर बातचीत के बाद सहायक अभियंता को कार्यालय के बजाय जनरल महादेव सिंह रोड स्थित सैफ्रोन लीफ होटल के पास बुलाया गया। शाम करीब 6 बजे आशीष शर्मा एक अन्य व्यक्ति के साथ क्रीम कलर की एक्टिवा से वहां पहुंचा।
आरोप है कि थोड़ी दूर जाकर फोन पर बात करने के बाद उसने कहा कि बात दिल्ली में मीडिया से जुड़े व्यक्ति से हुई है और आरटीआई का जवाब देने को कहा जा रहा है। इसके बाद एक कागज दिखाया गया जिस पर अंग्रेजी में दो लाख रुपये की मांग लिखी थी। विरोध करने पर धमकी भरे लहजे में कहा गया कि तुम्हें इस चीज के बारे में कुछ नहीं पता। जाते समय कहा गया कि फोन पर बता देना। दोनों व्यक्ति शाम करीब 6 बजकर 34 मिनट पर वहां से चले गए।
सहायक अभियंतासुरेश पाल ने तहरीर में कहा है कि पूरे प्रकरण की निष्पक्ष जांच कर दोषियों पर कड़ी कार्रवाई की जाए और उन्हें न्याय दिलाया जाए। इसकी प्रतिलिपि थाना पटेल नगर को भी सूचनार्थ एवं आवश्यक कार्रवाई के लिए भेजी गई है।
