डिलीटेड वोटर्स को राहत, नाम जुड़वाने की ऑनलाइन सुविधा

सुप्रीम कोर्ट ने शुक्रवार को वोटर लिस्ट में नाम जोड़ने के लिए ऑनलाइन आवेदन करने की अनुमति दे दी। इसके साथ ही कोर्ट ने यह भी कहा कि फॉर्म-6 में बताए गए दस्तावेज़ (जैसे ड्राइविंग लाइसेंस, पासबुक, पानी का बिल आदि) भी सबमिट किए जा सकते हैं। इसके अलावा सुप्रीम कोर्ट को चुनाव आयोग ने बताया कि 22 लाख वोटर मृत हैं और 7 लाख के डबल हैं। इस पर अदालत ने कहा कि हम मानकर चलते हैं कि 22 लाख वोटर मृत हैं, लेकिन डबल क्यों? चुनाव आयोग ने कहा कि यह आयोग का कर्तव्य है कि वह डबल ईपीआईसी ना होने दे और जो लोग बिहार से बाहर भी ईपीआईसी रखते हैं, उनका हटाना पड़ता है।

सुप्रीम कोर्ट में बिहार में चल रही स्पेशल इंटेंसिव रिवीजन यानी स्ढ्ढक्र (सामान्य शब्दों में वोटर लिस्ट वेरिफिकेशन) पर शुक्रवार को सुनवाई हुई। सुप्रीम कोर्ट ने चुनाव आयोग (श्वष्टढ्ढ) को निर्देश दिया कि वह हटाए गए वोटर्स को लिस्ट में अपना नाम जुड़वाने के लिए फिजिकली के अलावा ऑनलाइन आवेदन की अनुमति भी दे।
शुक्रवार को सुनवाई के दौरान कोर्ट ने चुनाव आयोग से कई सवाल पूछे। जस्टिस सूर्यकांत ने टिप्पणी करते हुए कहा,राज्य की 12 पॉलिटिकल पार्टियों में से यहां मात्र 3 पार्टियां ही कोर्ट में आई हैं। कोर्ट ने अपने 14 अगस्त के आदेश को दोहराते हुए यह भी कहा कि लोग ऑनलाइन आवेदन कर सकते हैं और उन्हें व्यक्तिगत रूप से कहीं जाने की जरूरत नहीं है।

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