हरिद्वार । ओमप्रकाश जमदग्नि लक्सर से एक तरीके से बीजेपी के विधायक मानकर ही तैयारी कर रहे हैं। उधर बीएसपी के शहजादा को भी इन तैयारी को देखते हुए काफी मेहनत करनी पड़ेगी । उत्तराखंड में 2027 में विधानसभा चुनाव होने हैं हालांकि राज्य के कुछ प्रत्याशी टिकट पक्के मानकर अपने-अपने क्षेत्र में प्रचार प्रसार कर रहे होंगे ।लेकिन हरिद्वार जनपद में सबसे तेज ओमप्रकाश जमदग्नि चल रहे हैं।
जो लक्सर विधानसभा से अपना टिकट पक्का मानकर चलते हुए अपनी जीत भी पक्की मान रहे हैं । बीजेपी की सरकार बनने के बाद उनका मंत्री बनना तो लगभग तय है। और मंत्री बनने के बाद तो फिर उनके जो जलवे होंगे वह इस पूरे उत्तराखंड में क्या कई अन्य राज्यों में किसी मंत्री के जलवे नहीं दिखाई देंगे।

दर्जा धारी में जब राज्य के कैबिनेट मंत्रियों से ज्यादा जलवा है, तो यदि मंत्री बन गए तब तो गाडी कारपेट पर चला करेगी।
अभी तो वे दर्जाधारी हैं तब उनके जलवे देखने लायक है। ऐसे चलते हैं जैसे कैबिनेट मिनिस्टर भी उनके सामने फीका है । रही बात बसपा के शहजाद की तो वह तो फिलहाल अभी कछुए व खरगोश की कहानी पर चल रहे है । जैसे खरगोश ने सोचा था कि थोड़ा आराम कर लूँ मैं तो दौड़ जीत ही जाऊंगा, खरगोश महोदय सोते ही रह गए थे ,कहीं ऐसा ना हो की खरगोश रूपी शहजाद मियां सोते रह जाएं और जमदग्नि जी बाजी मार जाएं।

हरिद्वार या देहरादून आने वाले किसी भी वी आई पी या मुख्यमंत्री से मिलना व फ़ोटो खिंचवाना नही भूलते दर्जा धारी जी,
जमदग्नि ने एक काम अपना रखा है । रोजाना वी आई पियों के दरबार में हाजरी लगाना उनके साथ फोटो खिंचवाना और फिर बचे हुए टाइम में लक्सर विधानसभा में गली-गली जाकर लोगों से अपना अभिनंदन करवाना उनके साथ बैठकर खाना खा लेना कहीं बैठकर चाय पी लेना कहीं बैठकर पानी बतासे खा लेना यह काम उन्होंने अपनाना शुरू कर दिया है।

सिर पर पूर्व मुख्यमंत्री निशंक जी का हाथ है, पैसे की भी कोई कमी नही है।
जमदग्नि जी के सिर पर राज्य के पूर्व मुख्यमंत्री व भाजपा के वरिष्ठ नेता रमेश पोखरियाल निशंक का हाथ है ।और पैसे की ना तो निशंक जी पर कोई कमी है ,और ना ही अब जमदग्नि जी पर कोई कमी है। इसलिए पैसे से भी पीछे रहने वाले नहीं है। लक्सर चुनाव में अब देखना यह है ,कि मोदी जी के और अमित शाह के कौन-कौन से गुण ओमप्रकाश जमदग्नि या रमेश पोखरियाल निशंक जी ने अपना रखे हैं जिनका लक्सर विधानसभा क्षेत्र में प्रयोग किया जाएगा। और अगर उन दोनों के गुणो का प्रयोग हो गया तो जमदग्नि जी की जीत पक्की है और बत्ती लगी गाड़ी तो खैर अब नहीं मिलती है। लेकिन आगे पीछे भौकाल करती गाड़ियां जरूर चलती हैं ।

अगर वह जीत गए और मंत्री बन गए तो लक्सर क्षेत्र का विकास तो जमदग्नि जी अपने पैसों से ही करा देंगे ,सरकार दे ना दे ,कमी कोई है नहीं। लकशर से बीजेपी के पहले विधायक रह चुके संजय गुप्ता शायद लक्सर को टाटा बाय-बाय कह चुके हैं। अगर लक्सर को टाटा बाय-बाय कह दिया है तो कहां से चुनाव लड़ेंगे और चुनाव नहीं लड़ेंगे तो फिर लोकसभा की तरफ उनकी निगाह होगी। देखना यह है की 2027 के चुनाव में कौन बाजी मारता है ,और कांग्रेस की तरफ से लक्सर में किसको टिकट मिलता है। लेकिन लक्सर में चुनावी लड़ाई तो शहजाद और जमदग्नि के बीच ही होगी तीसरा प्रत्याशी तो दर्शक की भूमिका निभाएगा।
