हरिद्वार ।
हरिद्वार के लक्सर रोड पर स्थित अजीतपुर में रहने वाले पत्रकार/ समाज सेवी/ चिंतक और ना जाने क्या क्या अरुण कश्यप ने क्षेत्र में अपनी पहचान बना ली है। क्षेत्र के तमाम लोग यहां तक की प्रधान तक उन्हीं से हर काम की सलाह लेने आते हैं।
इन समाजसेवी का एक बार इनकी समाज सेवा को देखते हुए क्षेत्र के स्टोन क्रशर मालिकों ने भव्य स्वागत किया था। ऐसा स्वागत जो पूरे क्षेत्र में चर्चा का विषय बन गया था। उसके बाद तो इनकी समाज सेवा के चर्चे इतने आम हुए।

की उसके बाद क्षेत्र में मिट्टी की खुदाई का काम करने वाले लोगों ने भी इनका तहे दिल से सम्मान किया। और गले में पुष्प हार पहनाये ,हालात ऐसे हो गए के सम्मान समारोह से गदगद हुए समाजसेवी महोदय ने सम्मान समारोह करने वालों का अभिवादन किया और उनसे कहा कि भाई बस अब बहुत हो गया, तब जाकर यह सम्मान समारोह रुका।
अरुण कश्यप जी बहुत अच्छे इंसान है एक स्कूल इन्होंने शुरू कर दिया है , शिक्षण संस्था में आस पास के बच्चे पढ़ने आते हैं।
बच्चों की इस शिक्षण संस्था को शुरू कर यह समाज सेवा का ही काम कर रहे हैं, और बच्चों को शिक्षा देना बहुत अच्छी बात है, लेकिन पता नहीं इनकी समाज सेवा को किसकी नजर लग गई जनाब के विरुद्ध, मुकदमा दर्ज हो गया।

हरिद्वार रुड़की विकास प्राधिकरण के तत्कालीन कार्यवाहक अधिशासी अभियंता टी पी नौटियाल ने दिसंबर 2023 में इन अरुण कश्यप जी के विरुद्ध कई बार पैसे मांगने आने का आरोप लगाते हुए हरिद्वार के थाना कोतवाली में मुकदमा दर्ज करा दिया था, मुकदमा दर्ज होते ही अरुण कश्यप तो एक तरीके से हक्का-बक्का रह गए।
क्योंकि वे तो समाजसेवी है, और समाजसेवी के विरुद्ध ऐसा मुकदमा हो जाए तो समाज में थोड़ा काना फूसी तो होती ही है। अब कश्यप जी ने HRDA के अधिकारियों से गुहार लगाई, लेकिन मामला वहां बना या नहीं बना ये तो पता नहीं।

मगर हरिद्वार कोतवाली में इस प्रकरण में जो कि भारतीय दंड संहिता 1860 अधिनियम के तहत 384 व भारतीय दंड सहिता अधिनियम 1860 के तहत धारा 500 के तहत जो मुकदमा हरिद्वार कोतवाली में दर्ज कराया गया था, उसमें बताया जाता है की पुलिस ने फाइनल रिपोर्ट लगा दी है ।
लेकिन न्यायालय में अभी यह मामला विचाराधीन है और यह मामला न्यायालय में चल रहा है। इस मामले में डेट पे डेट लग रही है, लेकिन अभी तक माननीय अरुण कश्यप जी शायद कोर्ट में हाजिर नहीं हुए हैं, और ना ही मुकदमा दर्ज कराने वाले नौटियाल जी ने अपनी तरफ से कुछ लिखकर इस तरीके का दिया है कि वह अपना मुकदमा वापस ले रहे हैं। नौटियाल जी का तो अब रिटायरमेंट हो गया है।

लेकिन ऐसे सम्मानित आदमी के विरुद्ध मुकदमा यदि दर्ज हो जाए तो लोगों को बातें करने का मौका तो मिल ही जाता है ।
लेकिन भाई साहब बड़े ईमानदार आदमी है , सत्यवादी राजा हरिश्चंद्र के वंशज से कम नही है ,VIP ग्रुप चलाते हैं, और इस ग्रुप में ऐसी ऐसी सलाह अधिकारियों को देते हैं कि जैसे यह राज्य के नहीं देश के कोई प्रमुख अधिकारी हो। समाज सेवी जनाब ने स्कूल के नाम पर काफी अधिकारियों को स्कूल में आमंत्रित कर उन सबके फोटो खिंचवा कर स्कूल में टांग दिए हैं।

जिससे स्कूल में आने जाने वाले आसपास के लोगों पर इनका रोब पड़े, और उन अधिकारियों के फोटो देखकर जो भी लोग स्कूल की तरफ स्कूल को देखने आए तो, स्कूल के लिए कुछ ना कुछ तो दान स्वरूप या शिक्षण संस्था के उत्थान के लिए कुछ मदद अवश्य करें।
बच्चों को शिक्षित बनाने के लिए मदद करना कोई बुरी बात भी नही है। छेत्र में जनाब का पूरा दबदबा है, बुद्धि जीवियों की एक संस्था के प्रधान जी का पूरा आशीर्वाद जनाब को प्राप्त है, इस लिए खुल कर खेलते हैं, यदि 2027 के विधानसभा चुनाव में खड़े हो जाये तो जीत निश्चित है। रही बात सम्मान व मुकदमे की तो ये तो समाजसेवीयो का आभूषण होते हैं।
