देहरादून, अंकिता भंडारी केस को लेकर कांग्रेस का राजभवन घेराव,कल 16 अक्टूबर को भी देहरादून में धरना प्रदर्शन, अंकिता भंडारी के माता-पिता को छोड़ा गया।

उत्तराखंड के अंकिता भंडारी हत्याकांड में VVIP की भूमिका की जांच को लेकर कांग्रेस आक्रामक हो गई है। दुष्यंत गौतम को सिक्किम का राज्यपाल बनाए जाने के विरोध में आज देहरादून में कांग्रेस ने लोकभवन का घेराव किया। पुलिस को चकमा देकर पहुंचे प्रदेश अध्यक्ष गणेश गोदियाल, पूर्व मुख्यमंत्री हरीश रावत, पूर्व प्रदेश अध्यक्ष प्रीतम सिंह, पूर्व मंत्री हरक सिंह रावत समेत कई बड़े नेताओं को पुलिस ने हिरासत में लिया।
आज सुबह कांग्रेस नेताओं ने राजपुर रोड स्थित पार्टी दफ्तर में प्रेस कॉन्फ्रेंस के बाद सीधे निजी वाहनों से लोकभवन कूच किया। कांग्रेस राज्यपाल को ज्ञापन सौंपना चाहती थी, लेकिन समय न मिलने पर बिना सूचना लोकभवन पहुंच गए। गेट पर रोकने के बाद सभी नेता वहीं धरने पर बैठ गए। इस दौरान पुलिस ने सभी वरिष्ठ नेताओं और कई कार्यकर्ताओं को हिरासत में लिया।

इससे पहले प्रेस कॉन्फ्रेंस में कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष गणेश गोदियाल ने केंद्र और राज्य सरकार पर जमकर हमला बोला। गोदियाल ने कहा कि अंकिता के व्हाट्सएप चैट में जिस VVIP को सर्विस देने का जिक्र है, उसकी जांच क्यों नहीं हो रही?सारे सबूत नष्ट किए गए हैं सब VVIP को बचाने का खेल है। उन्होंने कहा अंकिता के माता-पिता कई बार दुष्यंत गौतम का नाम ले चुके हैं, फिर भी मुकदमा दर्ज क्यों नहीं?

दिल्ली में इंडिया गेट पर अंकिता के माता-पिता को हटाए जाने और हिरासत में लिए जाने पर भी कांग्रेस ने सवाल उठाया। गोदियाल ने कहा – भाजपा ने अभयदान देने के लिए उन्हें सिक्किम का राज्यपाल बना दिया, पीएम मोदी इस पर चुप क्यों हैं?

पूर्व सीएम हरीश रावत ने कहा कि अंकिता ने मरना स्वीकार किया लेकिन रिजॉर्ट मालिक के दबाव में आना नहीं। यह लड़ाई अब हर बेटी के माता-पिता की लड़ाई है। सरकार हिल गई है कि कैसे अंकिता के माता-पिता इंडिया गेट पहुंच गए , प्रीतम सिंह के अनुसार दुष्यंत गौतम को सिक्किम का राज्यपाल बनाने के पीछे सोची समझी रणनीति है जिससे देश की जनता का ध्यान मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार की तरफ से हटाया जा सके।

