देहरादून । बार मालिक को आई जी का संरक्षण, एस एस पी ने कराया रात 1बजे बार बंद कहा आई जी हो या भाई जी कानून सबके लिये बराबर। यहां के बारों में छलकने वाले शराब के जाम देर रात तक छलकते हैं। इसके पीछे पुलिस के एक अधिकारी का संरक्षण इन बार मालिकों को प्राप्त है। शनिवार की रात एसपी सिटी देहरादून ने रोमियो लेन बार में रात को 12:30 बजे छापा मारा तो वहां तेज आवाज में डीजे चलने के साथ जाम छलक रहे थे। एसपी सिटी के वहां पहुंचते ही आईजी साहब वहां प्रकट हो गए, और आईजी साहब ने अपना रुतबा दिखाना शुरू कर दिया। आईजी साहब का रुतबा देख एसपी सिटी बेचारे उल्टे पांव वापस आ गए।
बात वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक प्रमेन्द्र डोबाल तक पहुंची डोबाल साहब ने रात को 1:00 बजे गाड़ी उठाई और फोर्स को साथ लेकर रोमियो बार जा धमके और बार को बंद कराया आईजी साहब तब तक बार से रफू चक्कर हो गए थे ।अब यह सवाल उठता है की जब आईजी स्तर के अधिकारी रात भर बार खुलवाएंगे और खुद जाम से जाम टकराएंगे तो देहरादून की हालत कहां पहुंचेगी, लेकिन देहरादून के वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक परमेंद्र डोबाल ने साफ-साफ शब्दों में सुना दिया है। की चाहे आई जी साहब हो चाहे भाई जी साहब हो बख्शा किसी को नहीं जाएगा कानून सबके लिए एक है। लिहाजा कानून को हाथ में ना लें इसी में सब की भलाई है। अन्यथा बड़ी हवेली जाना ही पड़ेगा। चाहे उसमें कितना भी पावरफुल व्यक्ति क्यों ना हो ।

SSP
मामला पकड़ रहा है तूल, आई जी साहब अपनी इन्हीं हरकतों के कारण काफी समय से ख़ाली बैठे थे।
अब यह मामला तूल पकड़ता जा रहा है। और आईजी साहब की अच्छी खासी फजियत हो गई है। यह कोई फजीहत उनकी पहली बार नहीं हुई है आईजी साहब तो खाने पीने के पुराने शौकीन है, और इसमें कोई बुराई भी नहीं है भाई शराब तो भैरव बाबा को भी चढ़ाई जाती है ,तो भैरव बाबा का प्रसाद समझ के दो-चार घूंट घटक लेते हैं। तो उसमें बुराई कुछ नहीं है। और रही बात आईजी साहब के द्वारा लक्ष्मी पूजन की तो लक्ष्मी जी के तो वह बड़े जबरदस्त पुजारी हैं ।लक्ष्मी माता का सुबह ध्यान कर लेते हैं। और शाम तक माता रानी का ही आवाहन करते रहते हैं ।आई जी साहब अपनी इन्हीं हरकतों के कारण लम्बे समय से खाली बैठे थे ,लेकिन पता नही किस महानुभाव की कृपा से लाटरी लग गई थी, लेकिन अपनी आदतों से मजबूर है।
अब देखना यह है ।ऐसे कर्तव्य निष्ठ आईजी साहब की विदाई आईजी पद से मुख्यमंत्री धामी जी कब तक करते हैं ।या आईजी साहब अपने पद पर यहीं जमे रहेंगे, और इसी तरीके से रात भर बार खुलवाकर जाम छलकवाते रहेंगे।
