
पौड़ी। विकासखंड दुगड्डा के उमरेला गांव में जिलाधिकारी स्वाति एस. भदौरिया ने ग्रामीणों से आत्मीय संवाद कर उनकी समस्याएं एवं जरूरतें जानीं। इस दौरान उन्होंने बुजुर्गों, दिव्यांगजनों, महिलाओं, बच्चों सहित सभी ग्रामीणों से बातचीत कर उनकी समस्याओं को समझा और उनके त्वरित समाधान के लिए संबंधित अधिकारियों को आवश्यक निर्देश दिए। दिव्यांगजनों का मौके पर ही चिह्निकरण कर उन्हें जरूरत के अनुरूप सहायक उपकरण भी वितरित किए गए। स्वास्थ्य संबंधी समस्याओं और बुजुर्गों की मांग को देखते हुए जिलाधिकारी ने एक सप्ताह के भीतर गांव में स्वास्थ्य शिविर आयोजित करने के निर्देश दिए, ताकि ग्रामीणों को स्थानीय स्तर पर ही आवश्यक स्वास्थ्य सुविधाएं एवं उपचार उपलब्ध हो सके।

गांव पहुंचने पर ग्रामीण महिलाओं ने जिलाधिकारी का पारंपरिक रीति-रिवाजों के साथ उत्साहपूर्वक एवं सम्मानपूर्ण स्वागत किया। जिलाधिकारी के गांव आगमन पर ग्रामीणों में विशेष उत्साह देखने को मिला। महिलाओं एवं ग्रामीणों ने पुष्प भेंट कर उनका अभिनंदन किया तथा गांव में पहुंचकर उनकी समस्याएं सुनने और आवश्यकताओं को समझने के लिए समय देने पर आभार व्यक्त किया। ग्रामीणों ने जिलाधिकारी के इस आत्मीय व्यवहार एवं संवेदनशील पहल की सराहना करते हुए प्रसन्नता जताई।

जिलाधिकारी ने गांव की महिलाओं और बच्चों से भी आत्मीयता से संवाद किया। महिलाओं से गांव में उपलब्ध सुविधाओं, उनकी समस्याओं और जरूरतों के बारे में जानकारी ली। वहीं, बच्चों से बातचीत कर उनकी पढ़ाई, विद्यालय में मिलने वाली सुविधाओं और अन्य आवश्यकताओं के बारे में जाना। उन्होंने संबंधित अधिकारियों को महिलाओं एवं बच्चों से जुड़ी समस्याओं पर संवेदनशीलता के साथ कार्रवाई करने के निर्देश दिए।
दिव्यांगजनों की जरूरतों को समझते हुए मौके पर ही उनका चिह्निकरण किया गया और आवश्यक सहायक उपकरण वितरित किए गए। बीरसिंह एवं सुरेंद्र सिंह को छड़ी, बिमला देवी एवं बीर सिंह को कान की मशीन तथा अलीशा को व्हीलचेयर प्रदान की गई। जिलाधिकारी ने कहा कि दिव्यांगजनों को उनकी जरूरत के अनुरूप सहायक उपकरण उपलब्ध कराने और उन्हें जनकल्याणकारी योजनाओं से जोड़ने के लिए निरंतर प्रयास किए जाए।

