अभी तक फिल्म इंडस्ट्री में अपने फ़न का जलवा दिखाने वाली मैडम कंगना रानावत जब से संसद पहुंची हैं, वहां भी चर्चाओं में बनी रहने के लिए उन्होंने पंगा लेने का कार्यक्रम जारी रख रखा है।
शायद कंगना रानावत को यह नहीं पता है की नरेंद्र मोदी जी के नाम पर वह देश की जिस सर्वोच्च संस्था की सदस्य बनी है वहां बहुत ही गरिमा के साथ महिलाओं को रहना पड़ता है।
शोर मचाना पड़ता है तो आम जनमानस की समस्याओं को लेकर शोर मचाया जाता है ,अकारण किसी से भी उलझ कर अपने आप को लाइमलाइट में रखने का जो उनका स्टाइल है उसको शायद लोग समझने लगे हैं ,इसलिए मैडम कंगना रानावत को अब कोई गंभीरता से नहीं लेता है,केवल मीडिया को छोड़कर।

इस बार तो बीजेपी के टिकट पर वह चुनाव जीत गई, लेकिन भविष्य में कभी कोई चुनाव वे जीतने वाली नहीं है, फिर उनको फिल्म इंडस्ट्री में ही आधे कपड़ों में अपने जौहर दिखाने पड़ेंगे मैडम फिल्म इंडस्ट्री में रहते हुए कितने कम वस्त्र धारण किया करती थी यह किसी से छुपा हुआ नहीं है
मैडम कुछ दिनों पहले बाबा रामदेव से उलझ गई इनको इतनी अकल नहीं है ,की योग गुरु बाबा रामदेव इनसे उम्र में भी काफी बड़े हैं, और उनके संज्ञान में मैं यह बात भी डाल दूं के बाबा रामदेव जी को मै व्यक्तिगत रूप से 40 वर्षों से जानता हूँ वे एक ऐसे व्यक्ति हैं जो लंगोट के बहुत पक्के हैं ।
अगर लंगोट के पक्के ना होते तो अब तक तो जाने कितनी दवा कंपनियां कोल्ड ड्रिंक वाले और जाने कौन-कौन बाबा रामदेव की छीछालेदर कर देते
मैडम किसी के भी बारे में आप ऊल जलूल बातें करके चर्चा में तो आ जाएंगी, लेकिन जो लोग आपको और योग गुरु बाबा रामदेव को अच्छी तरीके से जानते हैं ।

वह आपकी तरफ ही देखकर मुस्कुराएंगे, आपको 16 साल आयु के बाद की हिस्ट्री याद दिला देंगे , आप 16 साल की उम्र में घर से निकली थी उसके बाद आप कहां-कहां रही किन-किन ने आपको आश्रय दिया क्या-क्या हुआ , सारी बातें आपके श्री मुख से बताई हैं अब आपके सामने आ रही हैं
आप तो इन सब बातों को जानते हुए भी बेपरवाह हैं, आपको इन बातों से कोई फर्क भी नही पड़ता है, लेकिन कम से कम अजीब तरीके की बातें न किया करें जैसे मेरे बेडरूम में न झांको , मेरी जवानी को मत देखो और किसके लिए कह रही है यह तो जरा देख लिया करो, आपको शर्म आनी चाहिए कि ऐसे व्यक्ति के लिए आप ये बातें कह रही थी।

जिनका कार्य योग सीखना है ,भोग सिखाना नही, लेकिन आप तो आप ही हैंथी।का तो अपना ही एक अलग स्टाइल है और इस स्टाइल में आप खुद ही उलझ जाती हैं। जिस पार्टी ने आपको संसद सदस्य होने का गौरव प्रदान किया है, उस पार्टी के कर्ण धारों को भी यदि उचित लगे तो मोहतरमा के मुंह पर टेप लगाने का काम करें।
यदि पार्टी ने ही मैडम को खुली छूट दे रखी है तो फिर तो मैडम को, 2 हाथ नहीं 9 हाथ आगे चलना चाहिए, जो की वह चल भी रही है।
लेकिन हम तो फिर भी यही कहेंगे की आपको राजनीति की एबीसीडी नहीं आती है वह तो आप भाग्य से हिमाचल से चुनाव जीत कर नरेंद्र मोदी जी के नाम पर संसद में पहुंच गई है। अन्यथा आपकी जमानत जप्त हो जाती भविष्य में पार्टी से या निर्दलीय चुनाव लड़कर देख लीजिएगा कितने वोट मिलेंगे ।
