हरिद्वार। आज मनसा देवी मंदिर ट्रस्ट के अध्यक्ष महंत रवींद्र पुरी महाराज ने मनसा देवी मंदिर पर पत्रकारों से वार्ता करते हुए स्पष्ट कर दिया है, की अखिल भारतीय अखाड़ा परिषद के अध्यक्ष वे ही है ,और महामंत्री हरि गिरि जी महाराज हैं, दूसरे संगठन ने जो चुनाव कराए हैं वह 2021 से इस तरीके के कार्य करते चले आ रहे हैं ।लेकिन नरेंद्र गिरी जी के निधन के बाद से मैं रवींद्र पुरी अखाड़ा परिषद का अध्यक्ष चला आ रहा हूं ।और अखाड़ों के सुख दुख में खड़ा रहता हूं।

मेरे पास इतनी संस्थाएं हैं कि मुझे खाना खाने तक की फुर्सत नहीं है, लेकिन फिर भी मैं संतों के लिए कार्य करता रहता हूँ। यह कहना है अपने को अखाड़ा परिषद का अध्यक्ष बता रहे रवींद्र पुरी जी महाराज का, जबकि हरिद्वार में ही अभी कुछ दिन पूर्व अखाड़ा परिषद के चुनाव कर आठ अखाड़ों ने बाकायदा घोषणा कर अखाड़ा परिषद का अध्यक्ष निर्माणी अखाड़े के श्री महंत रवींद्र पुरी जी को अध्यक्ष चुना था । उस समय भी निरंजनी अखाड़े के रवींद्र पुरी जी महाराज ने एक वक्तव्य जारी कर कहा था, की सभी तेरा अखाड़े एक हैं ।कोई किसी में मतभेद नहीं है, और सभी साथ मिलकर कार्य करेंगे।
लेकिन आज फिर उन्होंने स्पष्ट कर दिया है, की अखाड़ा परिषद का अध्यक्ष तो मैं रवींद्र पुरी ही हूं और महामंत्री हरि गिरि जी महाराज हैं। यदि रवींद्र पुरी जी की बात मानी जाए तो विगत 20 वर्षों से तो अखिल भारतीय अखाड़ा परिषद के महामंत्री की कुर्सी हरि गिरि जी ने नहीं छोड़ी है। और स्वर्गीय नरेंद्र गिरी जी महाराज के निधन के बाद रवींद्र पुरी जी अखाड़ा परिषद के अध्यक्ष पद पर स्वयं विराजमान हो गए हैं।
अखाड़ा परिषद के उसके बाद से लेकर अब तक कोई चुनाव नहीं हुए हैं, और अभी जो 8 अखाड़े ने चुनाव किए हैं उसकी संख्या बल के आधार पर निर्माणी अखाड़े के रवींद्र पुरी जी को अध्यक्ष माना जा रहा है। लेकिन निरंजनी अखाडे के रविंद्र पुरी जी के पास पांच अखाड़े होते हुए भी वह अपने को अध्यक्ष व हरि गिरि जी महाराज को महामंत्री बताते हैं। ये प्रकरण सुलझता हुआ दिखाई नही दे रहा है।
