हरिद्वार-17 जून 2026: उत्तराखंड के हरिद्वार स्थित श्री साई शिव गंगा धाम में 5211 किलोग्राम वजनी विश्व के विशाल पारद शिवलिंग की तीन दिवसीय प्राण प्रतिष्ठा विधि श्रद्धा, वैदिक अनुष्ठानों और आध्यात्मिक वातावरण के बीच सम्पन्न हुई। आयोजन में देशभर से आए 2000 से अधिक श्रद्धालुओं, साधकों, संत-महात्माओं और विशिष्ट अतिथियों ने भाग लिया।

यह प्राण प्रतिष्ठा समारोह गुरु गोरक्षनाथ महाराज की परंपरा, गिरनार के पूज्य पीर योगी महंत सोमनाथ बापू के आशीर्वाद तथा पद्मभूषण डॉ. विजय भटकर के मार्गदर्शन में सम्पन्न हुआ। आयोजन का उद्देश्य विश्व शांति, मानव कल्याण और सकारात्मक ऊर्जा के संदेश को जन-जन तक पहुंचाना था।

दस वर्षों की साधना से तैयार हुआ पारद शिवलिंग:
ध्यान गुरु रघुनाथ गुरुजी द्वारा लगभग दस वर्षों की साधना, अनुसंधान और पारद विज्ञान के अध्ययन के बाद इस विशाल पारद शिवलिंग का निर्माण किया गया। इसके निर्माण में पारा, चांदी, स्वर्ण (गोल्ड) तथा 108 प्रकार की जड़ी-बूटियों के अर्क का उपयोग किया गया है।

रघुनाथ गुरुजी के अनुसार यह शिवलिंग केवल एक धार्मिक प्रतीक नहीं, बल्कि ध्यान, सकारात्मक ऊर्जा और मानव चेतना के जागरण का माध्यम है। इससे पूर्व वे वर्ष 2019 में लगभग 10,000 लोगों की सहभागिता के साथ एक विशाल अश्वमेध यज्ञ का आयोजन भी कर चुके हैं।

संतों और विशिष्ट अतिथियों की रही उपस्थिति
प्राण प्रतिष्ठा समारोह में अनेक प्रतिष्ठित संत, धर्माचार्य और गणमान्य अतिथि उपस्थित रहे। इनमें परम पूज्य जगद्गुरु शंकराचार्य स्वामी जी महाराज, परम पूज्य श्री सुधांशु जी महाराज, परम पूज्य स्वामी कैलाशानंद गिरी जी महाराज, परम पूज्य स्वामी अवधेशानंद गिरी जी महाराज, परम पूज्य स्वामी रविन्द्र पुरी जी महाराज, श्री दिनेश चंद्र जी, विश्व हिन्दू परिषद संरक्षक, साध्वी ऋतंभरा जी, आचार्य मनीष जी (HIIMS), सांसद राघव चड्ढा, नितिन गौतम- सहित अनेक गणमान्य प्रबुद्ध जन उपस्थित थे

