हरिद्वार। तीर्थ नगरी हरिद्वार में सावन मास में चलने वाली कांवड़ यात्रा एक तरीके से शुरू हो चुकी है, लेकिन यह यात्रा गुरु पूर्णिमा के दिन से और अधिक तेजी से गति पकड़ेगी,
गुरु पूर्णिमा के दिन शिव भक्त कांवरिये हरिद्वार आकर गंगा स्नान करेंगे और गंगाजल लेकर अपने-अपने नगरों और कस्बों की तरफ प्रस्थान करना शुरू करेंगे ,
लेकिन जो भी कांवरिये हरिद्वार आते हैं और वह यहां कांवड़ लेने आने के साथ-साथ नशा करते हैं ,और उपद्रव करते हैं गाली गलौज मारपीट करते हैं ,उनकी काँवर खंडित हो जाती है और खंडित काँवर को बाबा भोलेनाथ स्वीकार नहीं करते हैं।

जो भी श्रद्धालु तीर्थ नगरी हरिद्वार में काँवर लेने आ रहे हैं उनको यह समझना चाहिए, कि वह शिव भक्त कांवरियों के रूप में ही आए, और शांतिपूर्वक बिना नशा किये हरिद्वार से पवित्र गंगा जल लेकर अपने-अपने नगरों और कस्बों की ओर प्रस्थान करें,
तभी आपकी मनोकामनाए बाबा भोलेनाथ पूरी करेंगे अन्यथा आपकी कोई मनोकामना ना तो पूरी होगी उल्टे आपको पुण्य की जगह पाप ही मिलेगा, तो ऐसा कोई काम ना करें जिससे कि आपको पुण्य की जगह पाप की प्राप्ति हो।
