उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के मंत्रिमंडल के मंत्रीयों की हरकतों ने मुख्यमंत्री को कर रखा है परेशान,जनता के बीच फजीहत से बचने के लिए मुख्यमंत्री करते रहते हैं डैमेज कंट्रोल।
मंत्री मंडल के मंत्रियों सतपाल महाराज, सुबोध उनियाल ,रेखा आर्य , खजान दास ,गणेश जोशी की हरकतों को देख राज्य की जनता भी हैरान है ,उत्तराखंड सरकार में इन पांचों मंत्रीयों में से चार कांग्रेस से छलांग लगाकर बीजेपी में आए हैं, और आते ही मंत्री बन कर मलाईदार कुर्सियों पर विराजमान हो गए हैं।

सुबोध उनियाल
उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी की सरकार के मंत्रियों में सतपाल महाराज जी की महानता को आप इसी बात से जान लीजिए कि उनको यह तक मालूम नहीं है कि सनातन धर्म में सबसे पूजनीय शंख कहां पाया जाता है, मंत्री जी के अनुसार शंख हड्डी से बना होता है, मंत्री जी के ज्ञान को जानकर तमाम साधु संतों ने व ज्योतिषाचार्य व पंडितों ने माथा पकड़ लिया है , वैज्ञानिक भी हड्डी वाले शंख की खोज बीन में लग गए हैं ।
दूसरे नंबर पर सुबोध उनियाल जी आते हैं वह भी महीने दो महीने 3 महीने में कुछ ना कुछ ऐसा कांड कर देते हैं जिससे मुख्यमंत्री को परेशानी तो होती ही है आब महोदय ने एक नया खेल कर दिया है दिलेर मेहंदी को नरेंद्र नगर बुलाया गया था ,साहब मंच पर पहुंच गए और दिलेर मेहंदी हड़काना शुरू कर दिया जिसने आज तक कभी शराब को हाथ नहीं लगाया है उसको शराबी कहने लगे

गणेश जोशी
मंत्री जी ने रणनीति बनाई होगी की इस बार नरेंद्र नगर से चुनाव जीतने में दिक्कत आ सकती है इसलिए किसी तरीके से जनता को अपना रूतबा दिखा दिया जाये, शायद इसी बात को सोचकर मंत्री जी मंच पर जाकर चौड़े हो गए। वैसे भी चौड़े तो मंत्री जी अक्सर होते ही रहते हैं , वर्तमान मे तो मंत्री जी के पास विभाग भी ठीक ठाक हैं बिल्कुल मुख्यमंत्री जी के साथ चलते हैं मुख्यमंत्री ने जैसे तैसे दिलेर मेहंदी प्रकरण को निपटाया है।
मंत्री मण्ड़ल में एक मात्र महिला मंत्री रेखा आर्य मैडम है उनके पास भी मलाई दार विभाग है एक तो महिला एवं बाल विकास है ,खेल मंत्रालय है और सबसे बढ़िया तो खाद्य मंत्रालय है, उनके पति साहू साहब ने उन पर 210 करोड रुपए की आय से अधिक सम्पत्ति एकत्र करने के आरोप लगाए है।

खजान दास
शायद साहू साहब एक बिंदी आगे पीछे लगाना भूल गये होंगे मंत्राणी जी का बरेली वाला फार्म हाउस ही अकेले एक सौ करोड़ की सम्पत्ति बताया जाता है। मंत्राणी जी व उनके पति के बीच झगड़ा एक युवा महिला व माल के बटवारे को लेकर बताया जाता है। साहू साहब की एक नई प्रेमिका जो अब साहू के ही सबसे नजदीक रहती है साहू उसके लिए कुछ भी करने के लिए तैयार हैं पैसे की कोई कमी साहू के पास है नही क्योंकि माल तो बहुत मोटा आया है।

रेखा आर्य
चौथे मंत्री खजनदास जी पर तो बीजेपी के ही विधायक मुन्ना चौहान उनकी पत्नी ने 12 करोड रुपए के कार्यों में गड़बड़ झाला करने का आरोप लगाकर धरना प्रदर्शन शुरू करा दिया था वह मामला बड़ी मुश्किल से मुख्यमंत्री ने शांत कराया।

बरेली का फार्म हाउस

पांचवें मंत्री हैं गणेश जोशी जी वे ज्यादा तर जोश में ही रहते हैं, आय से अधिक सम्पत्ति का एक प्रकरण हाई कोर्ट में चल रहा है , मंत्री जी ने कुछ माह पूर्व शेखी दिखाते हुए घोषणा कर दी की मुकदमा मेरे फेवर में हो गया है, आदेश की कॉपी भी मेरे पास मोबाइल पर आ गई है, मंत्री जी यही नही रुके मुकदमा करने वाले को ब्लैकमेलर तक कोर्ट की तरफ़ से कहने का भी आरोप जड़ दिया। पत्रकारों द्वारा पता करने पर पता चला अभी तो कोर्ट ने निर्णय सुनाया ही नही है।

सतपाल महाराज जी मंत्री सिचाई विभाग उत्तराखंड

उत्तराखंड का विकास तो इन चारों कॉंग्रेस से बीजेपी में आये मंत्रियों व पांचवे गणेश जोशी ने बहुत जबरदस्त तरीके से कर दिया है, उस विकास के नाम पर तो इन मंत्रियों ने राज्य में आठ चांद लगा दिए हैं, पहले भी कांग्रेस के टाइम में जब मंत्री थे इन्होंने राज्य के विकास में चार चांद लगा दिए थे।
इस बार राज्य की जनता इन चारों व पाँचवे गणेश जोशी जी को चांद तारे दिखा सकती है, पांचो की कुर्सी हिलती हुई दिखाई दे रही है।

इन मंत्रियों की हरकतों से मुख्यमंत्री भले ही अंदर खाने परेशान हो लेकिन वे ज्यादातर मामलों को सुलझा लेते हैं, लेकिन इस बार मुख्यमंत्री ने खुलकर ही रेखा आर्य और उनके पति साहू के प्रकरण में उनके मुंह से सत्य वचन निकल ही गए उन्होंने साफ-साफ कह दिया के 22 साल बाद इनको याद आ रहा है , 22 साल तक पता ही नहीं चला अब तो जांच होगी जांच में जो निकलेगा वही दूध का दूध और पानी का पानी सामने आएगा।
हम तो यही कहेंगे के मुख्यमंत्री जी को अब थोड़ा सख्ती बरतनी पड़ेगी चाहे मंत्री हों या संतरी हो, तभी जाकर जनता उत्तराखंड में पुष्कर सिंह धामी पर विश्वास करेगी, बीजेपी के सामने विपक्ष के न होने का लाभ तो बीजेपी को मिल ही रहा है लेकिन ये जनता है ये कब क्या कर दे कुछ नही कहा जा सकता।
