
उत्तराखंड में 2027 में होने जा रहे विधानसभा चुनाव में बीजेपी का एक बार पुनः सत्ता में आना स्पष्ट संकेत दे रहा है, इसके पीछे कांग्रेस की आपसी कलह, फजियत एक दूसरे को नीचा दिखाना, यही मुख्य कारण है,

कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष गणेश गोदियाल निरंतर काफी कोशिश कर रहे हैं कि कांग्रेस को इस बार सत्ता का सुख प्राप्त हो जाए , लेकिन गणेश गोदयाल व सुजाता पाल के अलावा अन्य कोई कांग्रेसी इस मुहिम में गंभीर दिखाई नहीं दे रहा है ।

जिसका सीधा-सीधा लाभ बीजेपी को मिलने के संकेत दिखाई पड़ रहे हैं ,जबकि राज्य की जनता बीजेपी से बेहद खफा है लेकिन विपक्ष का राज्य से नदारत रहना सत्ता पक्ष भाजपा को ही लाभ पहुंचाएगा,

बीजेपी में भी अकेले मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी भाग दौड़ कर रहे हैं जबकि कुछ मंत्री और कुछ अधिकारी मुख्यमंत्री की परेशानी का सबब बने हुए हैं, लेकिन पुष्कर सिंह धामी इन परेशानियों से चुनाव होने तक पार पा सकते हैं,

जिस तरीके का हाल वर्तमान में चल रहा है ऐसी स्थिति में बीजेपी पुनः सत्ता में आ सकती है, जबकि अंकिता भंडारी प्रकरण बीजेपी के गले की फ़ांस बन सकता है ,लेकिन यदि अंकिता भंडारी प्रकरण को पुष्कर सिंह धामी ने सुलझाने में सफलता हांसिल कर ली तो सत्ता बीजेपी के हाथ से कोई नहीं छीन पाएगा।

