देहरादून, अंकिता भंडारी हत्याकांड को लेकर आज फिर देहरादून की सड़कों पर उतरे कांग्रेसी अखिल भारतीय कांग्रेस कमेटी की महामंत्री व उत्तराखंड की प्रभारी कुमारी शैलजा भी थी मौजूद, सड़कों पर निकाली गई मोटरसाइकिल व स्कूटर रैली और किया गया पैदल मार्च।

देहरादून में आज कांग्रेसियों ने अंकिता भंडारी के हत्यारे को फांसी देने के की मांग को लेकर व सिक्किम के राज्यपाल बनाए गए दुष्यंत गौतम को पुरुस्कृत ना करके उन्हें राज्यपाल पद की कुर्सी पर ना बैठाये जाने की मांग कांग्रेसियों ने की है, सड़कों पर आज कांग्रेसियों ने शान्ति पूर्वक प्रदर्शन किया, प्रदर्शनकारी नारे लगाते हुए देखे गए अंकिता हम शर्मिंदा है तेरे कातिल जिंदा है।

अंकिता भंडारी हत्याकांड को लेकर कांग्रेसी देहरादून ही नही पूरे उत्तराखंड में कॉंग्रेस के साथ ही जनता भी आंदोलन कर रही है, इस आंदोलन ने उसके बाद से ज्यादा गति पकडी है जब से दुष्यंत गौतम को सिक्किम का राज्यपाल बनाये जाने की घोषणा की गई है।

अन्यथा यह प्रकरण धीरे-धीरे शांत हो रहा था थोड़ा बहुत अगर इसके अंदर उबाल आना था तो यह उबाल चुनाव के दौरान ही आना था लेकिन इसको हवा मिल गई सिक्किम का राज्यपाल बना कर दुष्यंत गौतम को भेजे जाने के फरमान के बाद, आज सड़कों पर जहां भारी संख्या में कांग्रेसी और जनता देहरादून में देखने को मिली जिसमें मोटरसाइकिल व स्कूटर पर भी रैली निकाली गई।

इस कार्यक्रम में आज जहां कांग्रेस की उत्तराखंड प्रभारी कुमारी शैलजा प्रदेश अध्यक्ष गणेश गोदियाल पूर्व मुख्यमंत्री हरीश रावत, यशपाल आर्य, प्रीतम सिंह , हरक सिंह रावत के अलावा करण माहरा महिला कांग्रेस उत्तराखंड की अध्यक्ष व काफी संख्या में महिलाएं और युवा शामिल थे ।

गणेश गोदयाल ने कहा है कि जब तक वीआईपी को नहीं हटाया जाएगा और अंकिता भंडारी के कातिलों को फांसी पर नहीं चढ़ाया जाएगा तब तक आंदोलन जारी रहेगा, गणेश गोदयाल के अनुसार हमारी माता बहनों के साथ जो अत्याचार उत्तराखंड में हो रहा है उसको हम किसी भी कीमत पर बर्दाश्त नहीं करेंगे।
