
मुनिकीरेती / घाट क्षेत्रों में काम करने वाले बच्चों को शिक्षा एवं समाज की मुख्यधारा से जोड़ने के निर्देश
टिहरी। जरूरतमंद बालक-बालिकाओं को आर्थिक सहायता उपलब्ध कराने, उन्हें शिक्षा से जोड़ने और सुरक्षित भविष्य प्रदान करने के उद्देश्य से जिलाधिकारी नितिका खण्डेलवाल की अध्यक्षता में शनिवार को कलेक्ट्रेट सभागार में जिला बाल संरक्षण इकाई की स्पॉन्सरशिप योजना / स्ट्रीट चिल्ड्रन योजना की समीक्षा बैठक आयोजित की गई। बैठक में जरूरतमंद बच्चों को स्पॉन्सरशिप, विवेकाधीन कोष एवं दान स्वरूप प्राप्त धनराशि से सहायता उपलब्ध कराने के साथ ही सड़क पर रहने वाले, बाल भिक्षावृत्ति में संलिप्त, कूड़ा बीनने वाले, बाल श्रम करने वाले तथा देखरेख एवं संरक्षण की आवश्यकता वाले बच्चों के पुनर्वास पर चर्चा की गई।
जिलाधिकारी ने विशेष रूप से मुनिकीरेती क्षेत्र के बस अड्डे, घाटों एवं आसपास के सार्वजनिक स्थलों पर छोटे-मोटे कार्य करने वाले तथा कठिन परिस्थितियों में जीवनयापन कर रहे बच्चों को चिह्नित करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि ऐसे बच्चों की पहचान कर उन्हें शिक्षा, सुरक्षित वातावरण और बेहतर जीवन के अवसर उपलब्ध कराना प्राथमिकता होनी चाहिए, ताकि कोई भी बच्चा अभाव के कारण अपने बचपन और शिक्षा से वंचित न रहे।

डीएम ने उप जिलाधिकारी नरेंद्रनगर आशीष चन्द्र घिल्डियाल को मुनिकीरेती क्षेत्र में उपयुक्त सरकारी संपत्ति चिह्नित करने के निर्देश दिए, जहां जरूरतमंद बच्चों के लिए शिक्षा, परामर्श, कौशल विकास एवं अन्य रचनात्मक गतिविधियां संचालित की जा सकें। उन्होंने कहा कि बच्चों को केवल तत्काल सहायता उपलब्ध कराना ही पर्याप्त नहीं है, बल्कि उनके जीवन में सकारात्मक बदलाव लाकर उन्हें आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में भी ठोस प्रयास किए जाने चाहिए।
जिलाधिकारी ने पुलिस विभाग एवं बाल संरक्षण इकाई को संयुक्त अभियान चलाकर ऐसे बच्चों की पहचान करने, उनका विस्तृत विवरण एकत्रित करने तथा उनकी पारिवारिक, सामाजिक एवं शैक्षिक स्थिति का आकलन करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि प्रत्येक बच्चे की जरूरत के अनुरूप कार्ययोजना तैयार की जाए, ताकि उन्हें विद्यालयों से जोड़ा जा सके और आवश्यकता के अनुसार आर्थिक सहायता, परामर्श, स्वास्थ्य सेवाएं एवं संरक्षण उपलब्ध कराया जा सके।
उन्होंने संबंधित विभागों को निर्देशित किया कि बच्चों के पुनर्वास की प्रक्रिया संवेदनशीलता के साथ संचालित की जाए। बच्चों के परिवारों की स्थिति का आकलन कर आवश्यक सहयोग दिया जाए तथा यह सुनिश्चित किया जाए कि वे दोबारा बाल श्रम, भिक्षावृत्ति अथवा असुरक्षित परिस्थितियों में जाने को मजबूर न हों। जरूरतमंद बच्चों को स्पॉन्सरशिप योजना के तहत पात्रतानुसार सहायता उपलब्ध कराने के लिए भी प्रभावी कार्यवाही करने पर जोर दिया गया।
बैठक में जिलाधिकारी ने कहा कि बच्चों को समाज की मुख्यधारा से जोड़ने के लिए सभी संबंधित विभाग आपसी समन्वय के साथ कार्य करें। बच्चों को शिक्षा, संरक्षण और बेहतर अवसर उपलब्ध कराकर उनके जीवन को नई दिशा देना सामूहिक जिम्मेदारी है।
इस अवसर पर मुख्य विकास अधिकारी वरुणा अग्रवाल, जिला प्रोबेशन अधिकारी ज्योति पटवाल, श्रम अधिकारी आइशा, बाल कल्याण समिति टिहरी गढ़वाल के अध्यक्ष ऋषि कुमार, सुखदेव बहुगुणा सहित संबंधित विभागों के अधिकारी एवं कर्मचारी उपस्थित रहे।
