देहरादून, 23 साल बाद कॉंग्रेस नेता हरक सिंह रावत की मुश्किलें फिर बढ़ गई है, यदि जैनी की बातों पर यकीन किया जाए तो क्या हरक सिंह रावत को नाबालिग लड़की के साथ रेप करने के आरोप में पोक्सो एक्ट में गिरफ्तार किया जाएगा, या फिर हरक सिंह रावत जिस तरीके से रोना पीटना मचाते हैं उसी तरीके से रोना पीटना मचाएंगे।
उत्तराखंड के सबसे चर्चित जैनी कांड की एक बार फिर से परते खुलती दिखाई दे रहे हैं इस बार जैनी कांड को यूं तो उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने ही हवा दी थी, पुष्कर सिंह धामी नहीं कहा था की क्या जैनी प्रकरण कांग्रेस भूल गई है, यह बात उन्होंने अंकिता भंडारी हत्याकांड के बाद मच रहे शोर को देखते हुए कही थी।
लेकिन यह मामला इतना गंभीर हो जाएगा इसकी कल्पना शायद ना तो मुख्यमंत्री को रही होगी, ना कांग्रेस को रही होगी अब यह प्रकरण कांग्रेस के गले की हड्डी बन गया है, हरक सिंह रावत से या तो कांग्रेस को तुरंत किनारा करना होगा, अन्यथा कांग्रेस की नाव 2027 के चुनाव में तो डोलती दिखाई दे रही है,

क्योंकि जैनी ने आज साफ-साफ प्रेस क्लब देहरादून में आकर कह दिया है कि हरक सिंह रावत ने मेरे साथ 16 साल की आयु में रेप किया और मेरा जो बच्चा है वह बिना नाम के रह रहा है, मुझे उस बच्चे के पिता का नाम चाहिए और दोबारा सीबीआई जांच होनी चाहिए, और डीएनए टेस्ट होना चाहिए।
यदि डीएनए टेस्ट होता है दोबारा सीबीआई जांच होती है तो इससे पूर्व तो हरक सिंह रावत को नाबालिक लड़की से रेप करने व उसको गर्भवती करने के आरोप में पोक्सो एक्ट में भी पुलिस गिरफ्तार कर सकती है। अब देखना है कि यह जैनी प्रकरण अब क्या गुल खिलाता है,लेकिन जैनी के इन आरोपों से एक तरीके से हरक सिंह रावत की राजनीति तो बिल्कुल धरातल पर आ गई है, और राजनीति धरातल पर क्या आ गई है ,हरक सिंह का आगामी समय जिला कारागार में न कट जाए ,यह वर्तमान धामी सरकार के ऊपर ही निर्भर करेगा।इसी को कहते हैं ऊपर वाले के यहाँ देर है अंधेर नही।
