देहरादून ,उत्तराखंड राज्य में कार्य कर रहे अधिकांश युवा I A S को माल कमाने की बहुत ही जल्दी में है ,चार-पांच युवा IAS ऐसे हैं जो अब तक कम से कम 100 करोड़ का आंकड़ा तो न जाने कब का पार कर चुके हैं ।

लेकिन इनकी भूख शांत नहीं हो रही है पता नहीं इनको किस बात की जल्दी है, अभी 7, 8 साल इनको नौकरी करते हुए, हुए हैं लेकिन आते ही इन्होंने उस कसम को डस्टबिन में फेंक दिया था जो ट्रेनिंग के दौरान ली थी , राष्ट्रीय सेवा की सौगंध को दरकिनार करते हुए इन्होंने तो आते ही एक सूत्री कार्यक्रम अख्तियार किया हुआ है की माल समेटो कैसे भी आए कहीं से भी आए और चाहे कोई मर जाए कुछ भी हो जाए इन्हें इससे कोई मतलब नहीं इनको तो माल चाहिए।

एक युवा आईएएस के कारण तो अभी हाल ही में हेलीकॉप्टर दुर्घटना में 6 लोग काल के गाल में समा गए , इन साहब के बारे मे खोजबीन की गई तो साहब ने A G नाम के एक असिस्टेंट को सौदे बाजी के लिये रखा हुआ है,
अगर जोशीमठ हेलिकॉप्टर दुर्घटना की कायदे से जांच हो जाए तो ये युवा आईएएस अधिकारी इस दुर्घटना का जिम्मेदार निकलेगा,
लेकिन फिलहाल इस दुर्घटना प्रकरण पर लीपा पोती चल रही है, यहां ना तो किसी की जान की कोई कीमत है।
ना किसी के मान की कोई कीमत है कीमत है तो केवल और केवल गांधी जी की कीमत है, और गांधी जी के दर्शन किए बिना यह युवा आईएएस रह नही सकते बुराई भी कुछ नही है, राष्ट्रीय पिता के दर्शन करना कोइ बुरी बात तो है नही, जो साहब पैसा कमाने की बहुत ही जल्दी में है शायद इस बात को भूल रहे हैं कि यह जल्दबाजी कभी-कभी गले की फांस भी बन जाती है ,
लेकिन फिलहाल तो इनको कुछ दिखाई नही दे रहा है, दिखाई दे रहा है तो केवल और केवल गांधी जी का चित्र , शर्म हया नाम की किसी चीज से इनका दूर तक का वास्ता नही है ।ऐसा नही की इनके बारे में कोइ जानता नही राज्य के सभी बीयूरोक्रेटस , नेता व कर्मचारी इनके बारे में अच्छी तरह से जानते हैं। उसके बाद भी ये मलाईदार कुर्सी प्राप्त करने मे सफल हो जाते हैं।
