हरिद्वार , भूपत वाला में स्थित अमेरिकन आश्रम की 25 बीघा बेस कीमती भूमि को कब्जाने के लिए कुछ गेरुवा वस्त्र धारी कुछ बीजेपी के नेताओं की नजर इस 60 से 70 करोड रुपए की जमीन पर गड़ी हुई है जिलाधिकारी हरिद्वार को चाहिए कि इस जमीन को राज्य सरकार में निहित करा दें तभी जाकर मामला शांत होगा।

जिलाधिकारी हरिद्वार, मयूर दिक्षित
इस आश्रम की मालकिन करीब एक दशक से अपने आश्रम आई ही नहीं है ,वो कनाडा के टोरंटो में रहती है , हरिद्वार में यूं तो संपत्तियों पर कब्जा करने में माहिर कुछ गैंग सक्रिय हैं इनमें एक गेरुवा वस्त्र धारीयों का गैंग है , इस गैंग के सदस्य राजनेतिक पार्टियों का भी खूब इस्तेमाल 0करना जानते पहले गैंग हरीश रावत की चरण वंदना में लगा रहता था, हरीश रावत को छोड़ कर अब बीजेपी का दामन थाम लिया है ,लूट पाट के लिए राजनीतिक संरक्षण की आवश्यकता तो पड़ती ही है।
कुछ बीजेपी के नेता हैं एक नाम के कलमकार की भी निगाह इस बेश क़ीमती भूमि पर लग गईं है , कलमकार का तो मुख्य धन्दा ही यही है । कलमकार महोदय की तो रातों की नींद उड़ी हुई है किस तरह भूमि में हिस्सा मिले ।
अमेरिकन आश्रम की भूमि की केयरटेकर परमजीत कौर ने सोलंकी नाम के व्यक्ति को चार-पांच बीघा जमीन खेती करने के लिए दी थी वहां खेती तो नहीं हुई लेकिन दुकाने बनकर तैयार है 10 दे 15 दुकाने बन गई हैं, जाहिर है हरिद्वार रुड़की विकास प्राधिकरण के कारिंदों की मिली भगत से ही वहां दुकानें बनी होगी ।

अमेरिकन आश्रम की मालकिन
काफी शोर शराबा होने पर अभी भी इन दुकानों के ध्वस्तीकरण की कार्यवाही के नाम पर नोटिस नोटिस का ड्रामा चल रहा है , लेकिन ध्वस्तीकरण के आदेश अभी तक नहीं हुए हैं।
बताया जाता है कि इस आश्रम को बहुत ही सुनियोजित तरीके से कुछ लोगों ने आश्रम पर कब्ज़े का प्रयास किया था लेकिन कोर्ट कचहरी तक मामला चलते-चलते कामयाबी हासिल नहीं हुई है, इसलिए इस संपत्ति को लेकर कोई अप्रिय घटना घटे इससे पहले ही जिलाधिकारी हरिद्वार मयूर दीक्षित को चाहिए कि वह इस संपत्ति को राज्य संपत्ति में निहित करा दें।
