हरिद्वार । मुख्यमंत्री जी हरिद्वार नगर निगम के 58 करोड रुपए डकार गए आईएएस अफसर वरुण चौधरी से कब होगी इस भारी भरकम धनराशि की रिकवरी।
हरिद्वार नगर निगम में आयुक्त पद पर रहते हुए वरुण चौधरी ने शहर का कूड़ा कचरा डालने के नाम पर 58 करोड रुपए में 35 बीघा दो कौड़ी की जमीन जिसकी कीमत बाजार में कोई 5 करोड रुपए भी नहीं थी , उस जमीन को वरुण चौधरी ने 58 करोड रुपए में आनन फानन में खरीद कर नगर निगम के 58 करोड रुपए ठिकाने लगा दिए।

इस घोटाले में वरुण चौधरी ने नगर निगम के कई कर्मचारीयो का सहयोग तो लिया ही, साथ ही तत्कालीन एसडीएम ने भी वरुण चौधरी की मदद करते हुए जमीन की 143 आनन फानन में कर दी , जो जमीन 5 करोड रुपए की भी नही थी, उसके भाव 143 होते ही कागजों में 10 गुना बढ़ गए।
बहुत ही शातिराना साजिश के तहत इस कार्य को अंजाम दिया गया, और आनन फानन में वरुण चौधरी ने भारी भरकम धनराशि के चेक भी खुद ही काट लिए, जिसका उन्हें कोई अधिकार ही नहीं था, साथ ही जमीन को खरीदने की स्वीकृति की एक फाइल पर अपने IAS होने की हनक दिखाकर तत्कालीन जिलाधिकारी कमरेंद्र सिंह को भी बली का बकरा बना दिया।

मामला राज्य सरकार के पास है ,कई जांच हो चुकी है शायद यह जांच पूरी भी हो गई होगी। लेकिन पता नहीं इन जांच पूरी होने के परिणाम राज्य सरकार कब जनता के सामने रखेगी। और 58 करोड रुपए की नगर निगम हरिद्वार से लूट करने वाले वरुण चौधरी से यह रकम राज्य सरकार कब वसूलेगी । इस प्रकरण के आरोपियों का निलंबन 6 माह के लिए और बढ़ा दिया गया है।

यह धनराशि हरिद्वार नगर निगम की है,और हरिद्वार शहर की जनता से तमाम तरह के टैक्सों के नाम पर इस धनराशि को एकत्र किया गया था, जिस धनराशि को वरुण चौधरी डकार गए।

