नरेश गुप्ता
प्रियंका गांधी को अखिल भारतीय कांग्रेस कमेटी का कार्यकारी अध्यक्ष बनाकर उनके सुपुर्द ही कांग्रेस को करना होगा ।
राहुल गांधी भी पढ़े लिखे विद्वान व्यक्ति हैं लेकिन उनके भाषणों की प्रस्तुति आम जनता को आकर्षित नहीं करती है, प्रियंका गांधी जब संसद में जिस तरह बोलती हैं उन्हें देखकर कुछ बीजेपी के नेता भी प्रियंका गांधी में ही अगली प्रधानमंत्री का स्वरूप देखने लगे है।

प्रियंका गांधी जब संसद में बोलती हैं तो सत्ताधारी दल के लोग भी मुस्कुराने पर और ठहाके लगाने पर मजबूर हो जाते हैं, बहुत ही चुटकुले अंदाज में वह संसद में बोलती हैं,
यह खूबी राहुल गांधी में नहीं है छात्रों के जंतर मंतर पर हुए आंदोलन में जिस तरीके से प्रियंका गांधी ने संसद में अपना वक्तव्य दिया उसको कांग्रेस के ही नहीं भारतीय जनता पार्टी के भी काफी सांसदों ने पसंद किया ।

राहुल गांधी भले ही काफी मेहनत कर रहे हो लेकिन उनके भाषण की प्रस्तुति आम जनमानस को कोई खास प्रभावित नही करती है।
सोनिया गांधी को चाहिए कि वह पुत्र मोह को त्याग कर पुत्री मोह की ओर आकर्षित हो तभी जाकर सत्ता में कांग्रेस की वापसी हो सकती है, अन्यथा सत्ता में कांग्रेस की वापसी होना कठिन लगता है अब सोनिया गांधी को ही तय करना है कि वह राहुल गांधी को आगे रखकर कांग्रेस को चलाना चाहती हैं, या प्रियंका गांधी पर दांव खेल कर सत्ता को हासिल करना उनकी प्राथमिकता में शामिल होगा।

प्रियंका गांधी संसद में अपना भाषण देते हुए जब मुस्कुराती हैं तो आम जनमानस गदगद होने से अपने को नहीं रोक पाता है, उनकी इसी छवि को देखते हुए सत्ताधारी दल भाजपा के भी काफी सांसद व मंत्री प्रियंका गांधी के फैन हैं।
इस लिए सोनिया गांधी को चाहिए कि वह प्रियंका गांधी को आगे लाएं और उनके साथ ही राहुल गांधी भी कंधे से कंधा मिलाकर काम करें तभी जाकर कांग्रेस की नैया पार हो सकती है।निर्णय सोनीया गांधी व कॉंग्रेस के बचे कुचे शीर्ष नेताओं को लेना है।
